Who Was RN Kao: कौन थे आरएन काव? जानिए भारत की खुफिया एजेंसी RAW के पहले चीफ की शानदार कहानी। उनके जीवन, जासूसी करियर और RAW की नींव से जुड़ी खास बातें।
RN Kao Biography: भारत की सबसे चर्चित खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी RAW का नाम आपने कई बार सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस एजेंसी को खड़ा करने वाला शख्स कौन था? उनका नाम था रामेश्वर नाथ काव, जिन्हें आरएन काव के नाम से जाना जाता है। अब उनकी कहानी बड़े पर्दे पर भी दिखाई जाएगी। हाल ही में करण जौहर ने रॉ की स्थापना के 58 साल पूरे होने पर उनकी जिंदगी पर फिल्म बनाने का ऐलान किया है। जिसके बाद लोगों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर आरएन काव कौन थे?
कौन थे आरएन काव?
आरएन काव का जन्म 1918 में बनारस में हुआ था। उन्होंने लखनऊ और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। साल 1940 में उन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा पास की और पुलिस सेवा में शामिल हुए। आजादी के बाद उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी IB में काम किया। काव को प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सुरक्षा की जिम्मेदारी से जुड़ा काम भी मिला। इसी दौरान उन्होंने खुफिया कामकाज की बारीकियों को करीब से समझा।
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काव ने क्यों बनाई RAW?
1962 में चीन के साथ युद्ध के दौरान भारत की खुफिया व्यवस्था की कई कमजोरियां सामने आईं। इसके बाद विदेशों से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने के लिए अलग एजेंसी की जरूरत महसूस हुई। इसी सोच के तहत 1968 में RAW की स्थापना हुई और आरएन काव इसके पहले प्रमुख बने। उन्होंने करीब नौ साल तक इस एजेंसी की कमान संभाली और इसे एक व्यवस्थित बाहरी खुफिया तंत्र के रूप में तैयार किया।
1971 की जंग में अहम भूमिका
आरएन काव के करियर का सबसे महत्वपूर्ण दौर 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध माना जाता है। उस समय RAW ने पूर्वी पाकिस्तान में चल रहे मुक्ति आंदोलन से जुड़ी खुफिया गतिविधियों में अहम भूमिका निभाई। इसी संघर्ष के बाद पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश बना।
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बेहद गोपनीय जिंदगी, लेकिन बड़ा असर
काव का काम ऐसा था जिसमें सफलता का शोर नहीं होता था। वह लंबे समय तक सार्वजनिक चर्चा से दूर रहे। 1977 तक RAW का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने आगे भी सरकार के साथ सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण काम किए। 2002 में उनका निधन हो गया। आज आरएन काव को भारत की आधुनिक खुफिया व्यवस्था तैयार करने वाले प्रमुख अधिकारियों में गिना जाता है।