Ramgarh News: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत रामगढ़ जिले को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मॉडल जिला बनाने के उद्देश्य से सोमवार को टाउन हॉल में 'मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव' कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए जिले में डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई.
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बर्णवाल शामिल हुए. साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक डॉ. पंकज कुमार अरोड़ा, झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा, निदेशक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शशि प्रकाश सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज एवं उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल सहित जिले के स्वास्थ्य पदाधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए.
कार्यशाला के पूर्व NHA के CEO डॉ. सुनील कुमार बर्णवाल ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रति आमजनों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित 'रन फॉर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' के तहत जागरूकता वाहन एवं जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ तभी व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचेगा, जब आम नागरिक भी इसके महत्व और उपयोगिता से परिचित होंगे. जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, ABHA ID तथा उपलब्ध डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए NHA के CEO डॉ. सुनील कुमार बर्णवाल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसा एकीकृत डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें नागरिक को बेहतर, सुगम, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.
उन्होंने रामगढ़ जिले में मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि रामगढ़ के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि जिले में डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और अच्छे कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाते हुए देश के अन्य जिलों के लिए उदाहरण बनाया जाए.
उन्होंने कहा कि ABHA ID के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने, स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाना आवश्यक है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से डिजिटल माध्यमों को अपनी नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने की अपील की.
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