बिलासपुर : पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर ने अकादमिक एवं अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने की दिशा में दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MOU) पर सहमति बनाई है। विश्वविद्यालय ने महर्षि प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MUMT), बिलासपुर तथा ट्राइबल रिसर्च एंड नॉलेज सेंटर (TRKC), नई दिल्ली के साथ सहयोग का समझौता किया है।
इन दोनों MOU के माध्यम से शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण, संकाय विकास, विद्यार्थी सहभागिता, नवाचार, प्रकाशन और जनजातीय विषयों पर अध्ययन एवं शोध को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने का रास्ता तैयार हुआ है।
डीसीपी सेंट्रल जोन ने होटल एवं बार संचालकों की बैठक लेकर दिए सुरक्षा संबंधी आवश्यक निर्देश
MUMT के साथ अकादमिक सहयोग का विस्तार
महर्षि प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते के तहत दोनों संस्थान अकादमिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण, नवाचार, विस्तार और संस्थागत विकास के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
इसके अंतर्गत संयुक्त संगोष्ठी, कार्यशाला, विशेषज्ञ व्याख्यान, अकादमिक आयोजन, अंतर्विषयी अधिगम, पाठ्यचर्या संवर्धन तथा अकादमिक सामग्री के विकास जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके साथ ही MOOCs, मुक्त शैक्षिक संसाधन (OER), डिजिटल एवं स्व-अध्ययन सामग्री तथा तकनीक आधारित शिक्षण संसाधनों के विकास और सह-विकास की संभावनाएं भी रखी गई हैं।
सक्षम प्राधिकारियों की स्वीकृति के अधीन अल्पकालिक, प्रमाणपत्र एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा सकेंगे।
संयुक्त शोध, सर्वे और प्रकाशन पर जोर
MOU के तहत दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त अनुसंधान, सर्वेक्षण, क्षेत्र अध्ययन, प्रायोजित अनुसंधान, परामर्श, संयुक्त प्रकाशन और शोध प्रसार जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
संकाय विकास कार्यक्रम, प्रशिक्षण, पुनश्चर्या गतिविधियां, विशेषज्ञ व्याख्यान, अकादमिक यात्राएं और श्रेष्ठ प्रशासनिक प्रथाओं के आदान-प्रदान का भी प्रावधान रखा गया है।
विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे नए अवसर
समझौते के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, परियोजना कार्य, क्षेत्रीय अनुभव, शैक्षिक भ्रमण, कौशल विकास, करियर मार्गदर्शन और उद्यमिता से जुड़े अवसर विकसित किए जा सकेंगे।
सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में भी विद्यार्थियों की सहभागिता को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
हालांकि प्रवेश, क्रेडिट ट्रांसफर, संयुक्त अथवा द्वैध उपाधि जैसे विनियमित विषय संबंधित यूजीसी एवं सक्षम प्राधिकरणों के नियमों तथा दोनों संस्थानों की स्वीकृति के बाद ही लागू होंगे।
TRKC के साथ जनजातीय विषयों पर विशेष सहयोग
ट्राइबल रिसर्च एंड नॉलेज सेंटर (TRKC), नई दिल्ली के साथ हुए MOU में जनजातीय मुद्दों एवं अनुसूचित जनजातियों से जुड़े विषयों पर संयुक्त अध्ययन और अनुसंधान को विशेष महत्व दिया गया है।
इसके अंतर्गत सम्मेलन, संगोष्ठी, कार्यक्रम, प्रकाशन, ज्ञान-साझाकरण तथा विशेषज्ञ सहयोग जैसी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
TRKC की ओर से रणनीति निर्माण, योजना तैयार करने और कार्य-रोडमैप विकसित करने में बौद्धिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार केंद्र अपनी विशेषज्ञता और ज्ञान भी उपलब्ध करा सकेगा।
वहीं विश्वविद्यालय अपने संस्थागत नियमों के अनुसार निर्धारित गतिविधियों के आयोजन एवं संबंधित व्यय की व्यवस्था करेगा।
MOU पर किसने किए हस्ताक्षर ?
दोनों संस्थानों के बीच हुए समझौते में प्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव श्री चंद्रभूषण मिश्र ने MOU पर हस्ताक्षर किए।
वहीं ट्राइबल रिसर्च एंड नॉलेज सेंटर, नई दिल्ली (TRKC) की ओर से छत्तीसगढ़ के प्रान्त संयोजक श्री राजीव शर्मा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस औपचारिक समझौते के साथ दोनों संस्थानों के बीच जनजातीय विषयों पर अध्ययन, अनुसंधान, ज्ञान-साझाकरण और अकादमिक सहयोग को आगे बढ़ाने का संस्थागत आधार तैयार हुआ है।
दो सदस्यीय संचालन समिति करेगी समन्वय
MOU के तहत होने वाली गतिविधियों की निगरानी और समन्वय के लिए दोनों पक्षों से एक-एक प्रतिनिधि वाली दो सदस्यीय संचालन समिति गठित करने का प्रावधान भी किया गया है।
बौद्धिक संपदा, स्वामित्व, प्रोत्साहन और ज्ञान-साझाकरण जैसे विषय संबंधित कार्य की प्रकृति के अनुसार आपसी सहमति से तय किए जाएंगे।
जनजातीय समाज, संस्कृति और परंपरा पर शोध को मिलेगा मंच
विश्वविद्यालय के अनुसार जनजातीय अनुसंधान से जुड़े समझौते से जनजातीय समाज, संस्कृति, परंपरा और समसामयिक विषयों पर अध्ययन एवं शोध को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
वहीं MUMT के साथ अकादमिक सहयोग से शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, नवाचार और अनुसंधान से जुड़े नए अवसर विकसित किए जा सकेंगे।
इन दो MOU का व्यापक उद्देश्य
दोनों समझौतों का उद्देश्य केवल संस्थागत औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध विशेषज्ञता और संसाधनों के साझा उपयोग के माध्यम से शिक्षा, शोध, कौशल विकास और ज्ञान-साझाकरण को मजबूत करना है।
विशेष रूप से जनजातीय विषयों पर होने वाला संयुक्त अध्ययन छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और समसामयिक विषयों को अकादमिक एवं अनुसंधान के दायरे में और व्यापक रूप से सामने लाने में उपयोगी आधार प्रदान कर सकता है।
UPI में बदलाव की चर्चा से व्यापारियों में नाराजगी, चार्ज लागू हुआ तो बढ़ेगा कारोबार का खर्च
इस दौरान उपस्थित रहे
पण्डित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. वी. के. सारस्वत एवं कुलसचिव श्री चंद्रभूषण मिश्र उपस्थित रहे।
महर्षि प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. डॉ. नरेश कुमार तिवारी एवं कुलसचिव डॉ. विजय गरुडिक शामिल हुए।
वहीं ट्राइबल रिसर्च एंड नॉलेज सेंटर, नई दिल्ली की ओर से छत्तीसगढ़ के प्रान्त संयोजक श्री राजीव शर्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री वैभव सुरंगे उपस्थित रहे।