अररिया में नीट पेपर लीक मामले और दिल्ली व पटना में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) और ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (AISF) ने संयुक्त रूप से प्रतिरोध मार्च निकाला। इस मार्च में दर्जनों छात्र-छात्राओं और न
.
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के जिला सचिव वदुद आलम और जिला अध्यक्ष अजय कुमार ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए वदुद आलम ने कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र-युवा संगठनों का धरना-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय नहीं होती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।
छात्रों और नौजवानों पर अत्याचार बंद करें
ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के राज्य संयुक्त सचिव अभिषेक कुमार ने छात्रों और नौजवानों पर अत्याचार बंद करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर यादव ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
इस प्रदर्शन में मुन्ना यादव, मनीष कुमार, कविता कुमारी, रीना कुमारी, रंजन कुमार, मुजेबील अंसारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।

इसी बीच, जिले के सामाजिक संगठन 'अररिया का मुद्दा' के नेतृत्व में स्टूडेंट फ्रंट के बैनर तले समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।
शिक्षक बहाली में हो रही देरी पर गुस्सा
इन प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक, छात्रों पर हो रहे कथित अत्याचार और शिक्षक बहाली में हो रही देरी को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस धरना-प्रदर्शन को जिले के कई सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों का समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।