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ठाणे के सरकारी अस्पताल में नर्स से दुर्व्यवहार का आरोप, हंगामे के बाद काम बंद, नरेंद्र मेहता ने गार्ड को हटाया| Navbharat Live

July 23, 2026

ठाणे के सरकारी अस्पताल में नर्स से दुर्व्यवहार का आरोप, हंगामे के बाद काम बंद, नरेंद्र मेहता ने गार्ड को हटाया

  • Written By:

    आलोक उमाकृष्ण

Updated On: Jul 23, 2026 | 04:35 PM IST

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सार

Thane Tembha Hospital: भाईंदर के टेंबा सरकारी अस्पताल में नर्स से कथित दुर्व्यवहार के बाद कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध किया। विधायक नरेंद्र मेहता ने आरोपी सुरक्षा गार्ड को हटाने के निर्देश दिए।

Tembha Hospital Nurse Misbehaviour Security Guard Removed In Thane Bhayandar

लोगों को समझाते MLA नरेंद्र मेहता (फोटो नवभारत)

विस्तार

Tembha Hospital Nurse Misbehaviour: ठाणे जिले के भाईंदर पश्चिम स्थित पंडित भीमसेन जोशी (टेंबा) सरकारी अस्पताल में गुरुवार सुबह एक सुरक्षा गार्ड पर नर्स और अस्पताल कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट का आरोप लगा।

घटना के विरोध में नर्सों और कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए काम बंद कर दिया तथा शिकायत दर्ज कराने भाईंदर पुलिस स्टेशन पहुंच गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही श्रमजीवी कामगार संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष सुल्तान पटेल भी अस्पताल कर्मचारियों के समर्थन में पुलिस थाने पहुंचे।

क्या है मामला?

जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता का सुरक्षा गार्ड अरविंद, कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था। आरोप है कि इलाज के दौरान एक कमरे से दूसरे कमरे में भेजे जाने पर उसकी अस्पताल कर्मचारियों से कहासुनी हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई। कर्मचारियों का आरोप है कि इस दौरान गार्ड ने अभद्र व्यवहार किया।

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वहीं, अरविंद ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसने किसी से गाली – गलौज नहीं की और अस्पताल के सुरक्षा गार्ड के साथ हुए विवाद के कारण स्थिति बिगड़ी। भाईंदर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जितेंद्र कांबले ने बताया कि अस्पताल कर्मचारियों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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विधायक नरेंद्र मेहता ने क्या कहा?

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक नरेंद्र मेहता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने संबंधित सुरक्षा गार्ड को तुरंत सेवा से हटाने के निर्देश दिए। मेहता ने स्पष्ट कहा कि डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों जैसी अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार या दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव या भय के मरीजों की सेवा कर सकें। उन्होंने दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने पर भी जोर दिया।

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