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बिहार विधानसभा में धार्मिक न्यास पर हंगामा: विधायक आईपी गुप्ता बोले- सभी धार्मिक संस्थान कानून के दायरे में हों - Saharsa News

July 21, 2026

अष्टादश बिहार विधानसभा के तृतीय सत्र के दौरान इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी (IIP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सहरसा के विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता ने कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने धार्मिक न्यास से जुड़े प्रावधानों, मुंगेर विश्वविद्यालय में अंगिका भाषा क

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विधानसभा की पहली पाली में धार्मिक न्यास के प्रावधानों पर बोलते हुए विधायक गुप्ता ने धर्मनिरपेक्षता और समानता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कोई भी कानून या व्यवस्था देश के सभी नागरिकों और संस्थानों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।

विधायक ने मांग की कि यदि धार्मिक न्यास को लेकर कोई नया नियम या कानून बनाया जा रहा है, तो उसमें केवल मंदिरों को ही लक्षित न किया जाए। इसके अंतर्गत मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा और अन्य सभी धार्मिक संस्थानों को समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि सर्वधर्म समभाव की भावना का आदर हो सके।

सदन में विधायक आईपी गुप्ता के दो महत्वपूर्ण तारांकित प्रश्न (क्रमांक 18/3/181 एवं 18/3/373) सूचीबद्ध थे। हालांकि, प्रश्नों का क्रमांक अधिक होने के कारण सदन में इन पर चर्चा और पूरक प्रश्न पूछने का अवसर नहीं मिल सका। सरकार द्वारा दिए गए लिखित उत्तर पर आपत्ति जताते हुए विधायक ने इसे तथ्यों से परे बताया।

मुंगेर विश्वविद्यालय में अंगिका विषय शुरू करने के मामले (प्रश्न संख्या 18/3/181) पर सरकार ने दावा किया था कि "इस संबंध में कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है"। विधायक ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।

उन्होंने बताया कि वास्तविकता यह है कि मुंगेर विश्वविद्यालय के एकेडमिक काउंसिल, सिंडिकेट और सीनेट से अंगिका विषय की पढ़ाई शुरू करने को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। इसके बावजूद पढ़ाई शुरू न होने पर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी ने 6 मार्च 2023 (पत्रांक 14/एम-7-21/2023-406) को मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलसचिव को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था।

विधायक ने आगे बताया कि कार्रवाई न होने पर इसी पत्र की प्रति 23 दिसंबर 2024 को दोबारा भेजी गई और फिर फरवरी 2026 में स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर भी अंगिका की पढ़ाई शुरू करने का आदेश दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विश्वविद्यालय स्तर से लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय तक सारी प्रक्रियाएं हो चुकी हैं, तो सरकार सदन में 'कोई प्रस्ताव लंबित न होने' का भ्रामक जवाब कैसे दे सकती है? उन्होंने सरकार से इस मामले में सही तथ्यों के आधार पर जवाब देने और तुरंत अंगिका की पढ़ाई शुरू कराने की मांग की।

BPSC TRE-4 में देरी पर जताई चिंता

शिक्षक बहाली (प्रश्न संख्या 18/3/373) को लेकर सरकार द्वारा दिए गए उत्तर पर भी विधायक ने प्रतिक्रिया दी। सरकार ने लिखित जवाब में बताया है कि TRE-4 के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से वास्तविक रिक्तियों का आकलन किया जा रहा है और संशोधित अधियाचना जल्द ही बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी जाएगी।

इस पर विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि शिक्षक बहाली का यह संवेदनशील मुद्दा लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य और उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। इसमें किसी भी स्तर पर होने वाली देरी युवाओं के साथ अन्याय होगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह सदन के भीतर और बाहर, अंगिका भाषा के सम्मान और शिक्षक अभ्यर्थियों के अधिकारों की आवाज़ को पूरी मजबूती से बुलंद करते रहेंगे।