नवरात्र के पांचवें दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां स्कंदमाता की आराधना की. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी तीखा निशाना साधा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य तभी उज्ज्वल हो सकता है, जब उसकी महिलाएं स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर हों. उन्होंने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि वे बेटियों का भविष्य संवारने के बजाय अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में जुटी थीं.
योगी ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में अस्पतालों की बदहाली, दवाओं की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर व्यवस्था के कारण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्तर पर थी. उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने का काम किया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई और सुरक्षित मातृत्व तक, कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाया है. ऑपरेशन कायाकल्प का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का स्तर 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है. योगी के मुताबिक, अटल आवासीय विद्यालयों में श्रमिकों और वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक शिक्षा मिल रही है.
सम्बंधित ख़बरें
यह भी पढ़ें: 'टिकटों के बंटवारे के समय PDA कहां चला गया', CM योगी का सपा पर तीखा हमला
वहीं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा मिलने से बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं. योगी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत महिलाओं को कैशलेस इलाज की सुविधा और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया.
वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कन्दमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है। वर्ष 2017 से पहले बेटियों को संबल देने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा एवं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। विगत साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 15, 2026
'महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 44 हजार के पार'
प्रदेश में महिला सुरक्षा पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2016 के बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर अब 44 हजार से ज्यादा हो गई है. उनके मुताबिक, इससे महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां अब अवसरों की कमी को पीछे छोड़कर अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नए मुकाम हासिल कर रही हैं.
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से गर्भवती माताओं को पोषण व आर्थिक संबल मिला है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। 'आयुष्मान भारत योजना' के तहत प्रदेश की करोड़ों बहनों को निःशुल्क कैशलेस उपचार सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है। जनवरी, 2016 तक प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी की संख्या 10,000 थी, जो आज बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। आज उत्तर प्रदेश की बेटियां अवसरों के अभाव से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। जय माँ स्कन्दमाता।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 15, 2026
आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए महिला सुरक्षा, शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के मुद्दे उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम रह सकते हैं. ऐसे में मां स्कंदमाता की आराधना के संदेश के जरिए योगी आदित्यनाथ ने एक ओर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, तो दूसरी ओर पिछली सरकारों को निशाने पर लिया.
---- समाप्त ----
