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बैंकों के पास विदेश से आया छप्पर फाड़ पैसा, फिर भी क्यों सुस्त पड़ रही है कमाई की रफ्तार?

October 14, 2026

बैंकों के पास विदेश से आया छप्पर फाड़ पैसा, फिर भी क्यों सुस्त पड़ रही है कमाई की रफ्तार?

विदेशी फंड से बैंकों का खजाना फुल

Bank Q2 Results: शेयर बाजार के निवेशकों की नजरें कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हैं. इस बार बैंकिंग सेक्टर की तस्वीर काफी दिलचस्प नजर आ रही है. एक तरफ तो देश के बैंकों के पास विदेशों से छप्पर फाड़ पैसा आया है, लेकिन दूसरी तरफ उनकी कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती दिख रही है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक निफ्टी 50 में शामिल बैंकों की ब्याज से होने वाली कमाई में 11.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है. इसके बावजूद कुल मुनाफे की रफ्तार करीब 10 फीसदी तक ही सिमट सकती है. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि बॉन्ड मार्केट में दबाव की वजह से बैंकों की निवेश से होने वाली कमाई पर असर पड़ा है. हालांकि अच्छी बात ये है कि डूबे हुए कर्ज (NPA) का कोई नया खतरा नहीं है.

खजाने में आया छप्पर फाड़ पैसा

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने एक खास स्कीम (FCNR) चलाई थी. इसका मकसद विदेशों से पैसा खींचना था. इस स्कीम ने उम्मीद से कहीं ज्यादा कमाल दिखाया है. इसके जरिए देश के बैंकिंग सिस्टम में 127 अरब डॉलर से ज्यादा की भारी भरकम रकम आई है. पिछले काफी समय से लोग खूब लोन ले रहे थे, लेकिन बैंकों में पैसा जमा करने की रफ्तार धीमी थी. अब इस विदेशी फंड के आने से बैंकों के पास पैसा जमा होने की रफ्तार एकदम से तेज हो गई है. आंकड़ों की मानें तो जमा होने वाले पैसे (डिपॉजिट) में सालाना आधार पर 15.8 फीसदी का बड़ा उछाल आया है.

पैसा आने के बाद भी कमाई सुस्त क्यों?

अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि जब बैंकों के पास इतना सारा पैसा आ गया है, तो उनकी कमाई की रफ्तार क्यों घट रही है. इसका जवाब बहुत सीधा है. विदेशों से जो पैसा बैंकों के पास आया है, उस पर बैंकों को ब्याज देना पड़ता है. जब तक बैंक इस पैसे को आम लोगों या कंपनियों को लोन के रूप में नहीं बांट देते, तब तक ये पैसा बैंक के लिए एक तरह का बोझ होता है. कोटक सिक्योरिटीज की रिपोर्ट बताती है कि इस विदेशी फंड को बाजार में लोन के रूप में बांटने में थोड़ा समय लगता है. इस वजह से कुछ समय के लिए बैंकों के मार्जिन पर हल्का दबाव देखने को मिलेगा.

आगे चलकर सुधरेगी बैंकों की हालत

भले ही अभी के समय में बैंकों का मुनाफा थोड़ा दबा हुआ लगे, लेकिन आगे की तस्वीर काफी अच्छी है. ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट बताती है कि साल के दूसरे हिस्से में बैंकों की कमाई में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा. जैसे-जैसे बैंक अपने पास आए इस नए पैसे को बाजार में लोन के रूप में बांटना शुरू करेंगे, उनकी कमाई का पहिया तेजी से घूमने लगेगा. इसके अलावा जिन बैंकों ने पहले से फ्लोटिंग रेट पर लोन बांट रखे हैं, उन्हें भी ब्याज दरें बढ़ने का सीधा फायदा मिलेगा.

मुनाफे की रेस में प्राइवेट बैंक आगे

आने वाले दिनों में बड़े प्राइवेट बैंक मोटा मुनाफा कमा सकते हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि एक्सिस बैंक की कमाई सबसे ज्यादा 41 फीसदी तक बढ़ सकती है. इसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक का नंबर आता है जिसके मुनाफे में 29 फीसदी के उछाल की उम्मीद है. अगर हम देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई की बात करें तो उसका मुनाफा भी करीब 11.2 फीसदी बढ़ सकता है. सिर्फ बैंक ही नहीं, बल्कि लोन बांटने वाली अन्य कंपनियों (NBFC) का कारोबार भी शानदार रहने वाला है. बाजार में लोन की जबरदस्त डिमांड है, जिससे इन कंपनियों के कारोबार में 20 फीसदी तक की तेजी आ सकती है.

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला

विभव शुक्ला वर्तमान में TV9 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता में उन्हें छह वर्षों का अनुभव है. विभव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी. इसके बाद वह Inshorts और गुजरात फर्स्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े रहे हैं.

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