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ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर को समावेशी शहर बनाने का लिया संकल्प, किफायती आवास पर दिया जोर

October 13, 2026

ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर को समावेशी शहर बनाने का लिया संकल्प, किफायती आवास पर दिया जोर

भुवनेश्वर, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार भुवनेश्वर को एक ऐसा समावेशी शहर बनाना चाहती है जो वंचितों के सम्मान, श्रमिकों के लिए किफायती आवास, युवाओं के विकास और सभी निवासियों के लिए बेहतर जीवन स्तर की गारंटी दे।

माझी ने मंगलवार को भुवनेश्वर और उसके आस-पास के इलाकों में 1,608 किफायती घरों का उद्घाटन करते हुए और 12 आधुनिक खेल के मैदानों को जनता को सौंपते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने राज्य की राजधानी में गरीब परिवारों को सम्मानजनक घर और निवासियों को बेहतर मनोरंजन सुविधाएं देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

मुख्यमंत्री ने गडाकाना में एक किफायती किराये के आवास प्रोजेक्ट की आधारशिला भी रखी, जिसका मकसद प्रवासी मजदूरों और कम आय वाले परिवारों को उनके काम की जगह के पास कम कीमत पर रहने की सुविधा देना है।

माझी ने कहा, "हम ऐसा भुवनेश्वर बनाना चाहते हैं जहां गरीब परिवार सम्मान के साथ रह सकें, मजदूरों को किफायती घर मिल सकें, युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और हर नागरिक स्वस्थ और बेहतर जीवन जी सके।"

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भोजन के बाद, किसी व्यक्ति के लिए सबसे जरूरी चीज सिर पर छत होना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब परिवारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान दे रहे हैं, जिसमें न सिर्फ घर, बल्कि शौचालय, पाइप से पीने का पानी, बिजली और खाना पकाने की गैस भी शामिल है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ओडिशा के लिए दो लाख से ज्यादा घरों को मंजूरी दी गई है, जबकि राज्य सरकार अंत्योदय गृह योजना के जरिए भी लगभग पांच लाख घर उपलब्ध कराएगी। आवास प्रोजेक्ट्स के अलावा, मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर और उसके आस-पास के इलाकों में बीडीए द्वारा तैयार किए गए 12 अत्याधुनिक खेल के मैदानों का भी उद्घाटन किया, ताकि बच्चों की खेल प्रतिभा को बढ़ावा दिया जा सके और वरिष्ठ नागरिकों की भलाई में मदद की जा सके।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में, ओडिशा के आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि मंगलवार को जिन घरों का उद्घाटन किया गया, वे झुग्गी-बस्ती में रहने वालों को एक नई पहचान देंगे और उनके शैक्षिक अवसरों और सामाजिक स्थिति में सुधार करेंगे।

--आईएएनएस

एससीएच

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