
भारतीय महिला क्रिकेट टीम में सबकुछ ठीक नहीं था! (PC-PTI)
Smrit Mandhana vs Harmanpreet Kaur:भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लीडरशिप में बड़ा बदलाव हुआ है. वनडे और टी20 टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना को सौंप दी गई है. इस बड़े फेरबदल के बाद खबर आ रही है कि मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच सबकुछ ठीक नहीं था. दोनों के बीच कुछ समय से मतभेद चला आ रहा था और इसका असर ड्रेसिंग रूम पर पड़ रहा था. टीम इंडिया के सूत्र के मुताबिक काफी समय से दोनों के बीच ठीक से बातचीत नहीं हो रही थी जिसके चलते ड्रेसिंग रूम में साफतौर पर असहज माहौल था.
मंधाना-हरमनप्रीत के बीच मतभेद क्यों?
स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच मतभेद क्यों पैदा हुए? ये एक बड़ा सवाल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों के बीच विवाद की वजह कप्तानी बनी. एक इंटरव्यू में मंधाना ने ये कह दिया था कि अगर उन्हें कप्तानी मिली तो ये उनके लिए गौरव की बात होगी. बस तभी से हरमनप्रीत कौर और मंधाना के बीच बातचीत पहले जैसी नहीं रही. हालांकि इस दावे में कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि टीवी9 हिंदी नहीं करता है.
हरमनप्रीत कौर पर खड़े हुए थे सवाल
बता दें हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के बाहर होने के बाद पूर्व क्रिकेटर मिताली राज ने एक इंटरव्यू में कहा था कि चयनकर्ताओं को मंधाना को 2-3 साल पहले ही वनडे टीम का कप्तान बना देना चाहिए थे. उन्होंने हरमनप्रीत कौर की फिटनेस और फॉर्म पर भी सवाल खड़े किए थे. खैर ये फैसला अब ले लिया गया है. गुवाहाटी में बीसीसीआई की बैठक के बाद हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी छोड़ दी है और मंधाना टीम को लीड करेंगी.
क्या हरमनप्रीत कौर टीम में बनी रहेंगी?
अब बड़ा सवाल ये है कि क्या हरमनप्रीत कौर अब टीम इंडिया में बनी रहेंगी? जैसा कि सभी को पता है कि पिछले कुछ समय से हरमनप्रीत कौर का बल्ला नहीं चल रहा है. हालांकि उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे और टी20 टीम में जगह दी गई है. अगर उनके बल्ले से रन नहीं निकलते हैं तो अब उनका टीम इंडिया में बने रहना मुश्किल हो सकता है. हरमनप्रीत कौर के लिए आगे का रास्ता काफी कठिन नजर आ रहा है.

अनूप देव सिंह
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल 2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.
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