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अमेरिकी-राजदूत के सामने स्वदेशी पिनाका ने उड़ाए दुश्मन के ठिकाने: बीकानेर में 'युद्ध अभ्यास' में दोनों देशों के जवानों से मिले, बोले- यह हमारी हाइटेक तैयारी - Bikaner News

September 25, 2026

बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-अमेरिकी सेना के संयुक्त ‘युद्ध अभ्यास-2026’ चल रहा है। इसे देखने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर भी पहुंचे।

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इस दौरान उनके सामने दोनों देशों के हाइटेक सिस्टम से रेगिस्तानी इलाकों में बनाए दुश्मन के ठिकानों को पलभर में उड़ा दिया गया। भारत के पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम और अमेरिका के M-LIDS काउंटर-ड्रोन सिस्टम के जॉइंट ऑपरेशनल मूवमेंट और अटैकिंग मोड भी दिखाई दिए।

युद्धाभ्यास के दौरान गोर ने दोनों सेनाओं के जवानों से बातचीत कीं। उन्होंने दोनों देशों की आधुनिक हथियार प्रणालियों के संयुक्त संचालन को प्रभावशाली बताया। साथ ही कहा कि यह सैन्य अभ्यास भारत और अमेरिका की मजबूत रक्षा साझेदारी और आपसी भरोसे के साथ हाइटेक तैयारी को बताता है।

बता दें कि महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 15 से 28 सितंबर तक चलने वाले इस संयुक्त फायरपावर प्रदर्शन में दोनों देशों की ओर से अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इनमें भारतीय सेना की ओर से स्वदेशी पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्च सिस्टम, एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, धनुष आर्टिलरी सिस्टम, L/70 एयर डिफेंस गन, स्वाथी वेपन-लोकेटिंग रडार और AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर की क्षमता का प्रदर्शन प्रमुख है। वहीं अमेरिकी सेना की ओर से HIMARS (हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम) और M-LIDS काउंटर-ड्रोन सिस्टम की क्षमताओं का भी आकलन किया जा रहा है।

युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेना के जवानों के साथ अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर।

युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेना के जवानों के साथ अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर।

ड्रोन और स्वॉर्म हमलों से निपटने का विशेष अभ्यास आधुनिक युद्ध तकनीकों को ध्यान में रखते हुए इस अभ्यास के दौरान लक्ष्य पहचान, त्वरित फायर कमांड प्रक्रिया और आर्टिलरी फायर की जांच की गई। साथ ही युद्धक्षेत्र में उभरते नए खतरों के बारे में एडवांस्ड अटैक मॉड्यूल अपनाए गए।

इनमें ड्रोन और 'ड्रोन स्वॉर्म' (ड्रोन के समूह) के अटैक को बेअसर करने के लिए उन्नत काउंटर-यूएएस (Counter-UAS) तकनीक का विशेष अभ्यास किया गया।

रेगिस्तान से पहाड़ तक 1200 जवान एक साथ कर रहे अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ के 22वें संस्करण में दोनों देशों के लगभग 600-600 सैनिक (कुल 1,200 सैन्यकर्मी) भाग ले रहे हैं। इस बार अभ्यास को दो अलग-अलग जगहों पर किया जा रहा है। इनमें राजस्थान के बीकानेर में रेगिस्तानी इलाका शामिल है, वहीं उत्तराखंड (औली) पर अत्यधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्र में भी ऑपरेशनल तैयारी की गई।

युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिकी सेना के बीच रणनीतिक तालमेल, सूचनाओं के आदान-प्रदान और जटिल बहु-क्षेत्रीय (मल्टी-डोमेन) सैन्य अभियानों को एक साथ अंजाम देने की क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) को और मजबूत करना रखा गया है।

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बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेना संयुक्त युद्धाभ्यास कर रही है। 'युद्ध अभ्यास-2026' में AH-64E अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, भारत और अमेरिकी सेना के जवानों के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल ड्रिल में हिस्सा ले रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए