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क्यों दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हुए विकास दिव्यकीर्ति? क्या है पूरा मामला?

September 24, 2026

क्यों दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हुए विकास दिव्यकीर्ति? क्या है पूरा मामला?

Time Published: Thursday, September 24, 2026, 13:56 [IST]

Vikas Divyakirti Moves Delhi High Court: दृष्टि IAS के संस्थापक और शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति ने अपने नाम, तस्वीर और पहचान के गलत इस्तेमाल को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी निजता और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की है। गुरुवार को यह मामला न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव के सामने आया। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि इसी तरह के व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े कुछ मामले पहले से दूसरी पीठ के सामने चल रहे हैं।

इसके बाद न्यायमूर्ति कौरव ने मामले को उसी पीठ के सामने रखने का निर्देश दिया। याचिका में फर्जी प्रोफाइल बनाने समेत तीन तरह के कथित उल्लंघनों का जिक्र किया गया है। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय विकास दिव्यकीर्ति की तस्वीरों के साथ फर्जी पोस्ट और अन्य सामग्री सामने आने की बात भी याचिका में कही गई है।

Vikas Divyakirti Moves Delhi High Court

क्या चाहते हैं विकास दिव्यकीर्ति?

विकास दिव्यकीर्ति की ओर से अदालत में पेश वकील ने बताया कि याचिका का मुख्य उद्देश्य उनके व्यक्तित्व और निजता से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा करना है। याचिका में कथित तौर पर उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने के कई तरीकों का जिक्र किया गया है। इनमें फर्जी प्रोफाइल बनाना भी शामिल है। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करके पोस्ट और अन्य सामग्री शेयर किए जाने की बात भी सामने आई है।

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दूसरी पीठ करेगी मामले की सुनवाई

मामला न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव के सामने सूचीबद्ध हुआ था। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े इसी तरह के कई मामले पहले से एक अन्य पीठ के सामने चल रहे हैं।

इसके बाद अदालत ने निर्देश दिया कि विकास दिव्यकीर्ति की याचिका को भी उस पीठ के सामने सूचीबद्ध किया जाए जो पहले से ऐसे मामलों की सुनवाई कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले को मंगलवार को संबंधित रोस्टर पीठ के सामने रखा जाना है।

कई बड़ी हस्तियां ले चुकी हैं कोर्ट की मदद

व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में पहले भी कई चर्चित हस्तियां पहुंच चुकी हैं। इनमें अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और सलमान खान जैसे अभिनेता शामिल हैं। इसके अलावा 'आर्ट ऑफ लिविंग' के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, क्रिकेटर युवराज सिंह, पत्रकार सुधीर चौधरी, पॉडकास्ट होस्ट राज शमानी, आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और क्रिकेटर अभिषेक शर्मा समेत कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी ऐसे मामलों में अदालत का रुख किया है।

इन मामलों में आम तौर पर किसी व्यक्ति के नाम, तस्वीर, आवाज या पहचान से जुड़ी चीजों के अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर कानूनी सुरक्षा मांगी जाती है।

अलख पांडे ने भी खटखटाया था हाईकोर्ट का दरवाजा

फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे ने भी अगस्त 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट में व्यक्तित्व अधिकारों को लेकर याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि कुछ वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल करके कमाई कर रहे हैं। मामले में पोस्ट, वीडियो, स्टिकर पैक और वेबसाइट जैसी सामग्री का भी जिक्र किया गया था।

5 अगस्त के अंतरिम आदेश में न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की अदालत ने सुरक्षा को तीन खास तरह के मामलों तक सीमित रखा। इनमें अश्लील या यौन रूप से आपत्तिजनक सामग्री, बिना अनुमति व्यक्तित्व का इस्तेमाल करके कमाई करना और किसी व्यक्ति की पहचान की नकल करना शामिल था। अदालत ने संबंधित सामग्री को हटाने के निर्देश भी दिए थे।

पैरोडी और कार्टून पर भी अदालत की बात

अलख पांडे मामले में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि व्यक्तित्व अधिकारों का दायरा हर तरह की अभिव्यक्ति पर रोक लगाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा था कि अगर किसी व्यक्ति पर आधारित कार्टून, व्यंग्य या पैरोडी व्यावसायिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं हो रही है, तो केवल व्यक्तित्व अधिकारों के आधार पर उसे रोकने की मांग अलग तरीके से देखी जाएगी।

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