Home Bhopal भोपाल में बिजली सप्लाई घोटाला? कांग्रेस ने पूछा आखिर ये बिजली जा कहां रही है?
भोपाल में बिजली सप्लाई घोटाला? कांग्रेस ने पूछा आखिर ये बिजली जा कहां रही है?
personUpdesh Awasthee
9/23/2026 08:43:00 PM
भोपाल, 23 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी में आज कांग्रेस ने जनता की आवाज उठाई है। ऊर्जा मंत्री रहते हैं कि मध्य प्रदेश में भरपूर बिजली है लेकिन भोपाल में मेंटेनेंस के नाम पर हर रोज औसत 50 इलाकों में 6-6 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। कांग्रेस ने प्रदर्शन करके सवाल किया है कि आखिर यह बिजली कहां जा रही है? क्या भोपाल में बिजली सप्लाई घोटाला हो रहा है?
प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रभावी प्रदर्शन
मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के दफ्तर में बुधवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे और अधिकारियों से सवाल किए। कहा कि भोपाल में मेंटेनेंस के नाम पर हर रोज घंटों बिजली गुल हो रही है। वहीं, जब से स्मार्ट मीटर लगे, तब से ज्यादा राशि के बिल आ रहे हैं। आखिर ये बिजली जा कहां रही है? अरेरा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में बार-बार बिजली गुल होने और वॉल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या लेकर कांग्रेसी ऑफिस पहुंचे थे। प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने एमडी विशेष गढ़पाले को शिकायत पत्र भेजकर व्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे बिजली व्यवस्था को लेकर करती है, लेकिन राजधानी भोपाल में ही बिजली व्यवस्था इतनी चरमराई हुई है तो बाकी प्रदेश में क्या ही हाल होंगे?
जब बिल समय पर आता है तो फिर बिजली क्यों नहीं?
युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि जब उपभोक्ता हर महीने समय पर बिजली का बिल भर रहा है तो उसे निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली क्यों नहीं मिल रही? बिजली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा आखिर आम जनता क्यों भुगते?
जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि अरेरा कॉलोनी में आवासीय क्षेत्रों में विद्युत भार और कनेक्शनों की स्थिति की भी तकनीकी जांच आवश्यक है। क्षेत्र में नियमों के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और व्यावसायिक विद्युत कनेक्शनों के कारण घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त विद्युत भार की भी जांच की जानी चाहिए।
कांग्रेस की यह मांग
- भोपाल की विद्युत व्यवस्था की तत्काल तकनीकी एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- प्रदेश में बार-बार हो रही अघोषित विद्युत कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खराब और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर, केबल, फीडर एवं अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कर आवश्यकतानुसार उनकी क्षमता बढ़ाई जाए।
- लो-वॉल्टेज एवं वोल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
- तकनीकी खराबी एवं मेंटेनेंस के कारण होने वाली कटौती की स्थिति में उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना देना अनिवार्य किया जाए।
- पूरे प्रदेश में विद्युत व्यवस्था की स्थिति की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच दल गठित किया जाए और उसकी निगरानी में विशेष विद्युत सुधार अभियान चलाया जाए।
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