world-news

होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगा लागू: स्कूलों के प्राचार्य ले रहे है ट्रेनिंग, स्टूडेंट्स की सीखने की आदतों का होगा एनालिसिस - Raipur News

September 19, 2026

  • Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • Chhattisgarh School Principals Training: Holistic Progress Card Pilot Project

होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगा लागू:स्कूलों के प्राचार्य ले रहे है ट्रेनिंग, स्टूडेंट्स की सीखने की आदतों का होगा एनालिसिस

रायपुर1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
चयनित स्कूलों में एचपीसी को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा। - Dainik Bhaskar

चयनित स्कूलों में एचपीसी को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में 17 से 19 सितंबर तक होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (एचपीसी) को लेकर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला चल रही है। इसमें प्रतिदिन 11 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों और पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुने गए हर जिले के 3-3 हायर सेकंडरी स्कूलों के प्राचार्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चयनित स्कूलों में एचपीसी को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा। कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया गया है। होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड में केवल परीक्षा के अंकों के आधार पर बच्चों का मूल्यांकन नहीं होगा, बल्कि उनके ज्ञान, व्यवहार, भावनात्मक और सामाजिक विकास को भी देखा जाएगा। इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया और उनकी अलग-अलग क्षमताओं को समझने में मदद मिलेगी।

कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया गया है।

कार्यशाला में अधिकारियों को बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया गया है।

360 डिग्री रिपोर्ट के रूप में तैयार किया गया कार्ड परख (PARAKH), एनसीईआरटी की ओर से तैयार एचपीसी को विद्यार्थियों के मूल्यांकन की 360 डिग्री रिपोर्ट के रूप में बताया गया। प्रशिक्षण में समय प्रबंधन, समस्या समाधान, प्रोजेक्ट और लघु शोध के माध्यम से कौशल जांचने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों के स्वयं के मूल्यांकन और सहपाठियों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को समझने के तरीके भी बताए गए।

व्यवहार और संवाद से भी समझेंगे बच्चों को प्रशिक्षण में विद्यार्थियों के समूह और व्यक्तिगत कार्य के दौरान उनके व्यवहार और आपसी संवाद का अवलोकन करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच होने वाले संवाद के आधार पर व्यक्तित्व विकास को समझने की जानकारी दी गई। इसके अलावा विद्यार्थियों की सामान्य जानकारी, स्वयं का परिचय और स्व-मूल्यांकन से जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया गया।

सर्वांगीण विकास पर रहेगा फोकस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनके ज्ञान, भावनात्मक और सामाजिक विकास का लगातार आकलन करना है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान चयनित स्कूलों में विद्यार्थियों की क्षमताओं, कौशल, व्यवहार और सीखने की आदतों को अलग-अलग गतिविधियों के जरिए समझा जाएगा। इसके आधार पर उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा।

.