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AIMIM प्रत्याशी का मेयर पद के लिए नहीं हुआ नॉमिनेशन: फिरोजा बानो बोलीं- नामांकन नहीं लेने दिया; बेटे ने कहा- कोर्ट जाएंगे - Jaipur News

September 19, 2026

जयपुर नगर निगम मेयर पद के नामांकन के दौरान शनिवार को AIMIM की एकमात्र विजयी पार्षद फिरोजा बानो का नामांकन दाखिल नहीं हो सका। मेयर पद के लिए नामांकन को लेकर AIMIM प्रत्याशी फिरोजा बानो ने आरोप लगाया है कि उनका नामांकन नहीं लिया गया।

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फिरोजा बानो वार्ड नंबर 146 से करीब 2 हजार वोटों के अंतर से पार्षद का चुनाव जीत चुकी हैं। उनके बेटे ने मामले को लेकर कोर्ट जाने की बात कही है और कहा कि 2028 में जनता इसका जवाब देगी।

फिरोजा बानो ने आरोप लगाया कि समय पर नगर निगम मुख्यालय पहुंचने और फॉर्म भरने के बावजूद प्रशासन ने उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया।

लालकोठी स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंचीं फिरोजा बानो और उनके बेटे और AIMIM प्रदेश उपाध्यक्ष लुकमान मलकान ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उनका कहना था कि मेयर पद के लिए नामांकन का समय दोपहर 3 बजे तक था, लेकिन उन्हें इससे पहले ही नामांकन दाखिल करने से रोक दिया गया।

फिरोजा बानो ने कहा कि वे दोपहर करीब ढाई बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंच गई थीं। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें नामांकन फॉर्म भरने से मना किया और बाहर जाने के लिए कहा।

फिरोजा बानो ने कहा कि वे दोपहर करीब ढाई बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंच गई थीं। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें नामांकन फॉर्म भरने से मना किया और बाहर जाने के लिए कहा।

दोपहर ढाई बजे पहुंचने का दावा, फिर भी नहीं लिया फॉर्म

फिरोजा बानो ने कहा कि वे दोपहर करीब ढाई बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंच गई थी। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें नामांकन फॉर्म भरने से मना किया और बाहर जाने के लिए कहा। फिरोजा बानो का कहना था कि उनके पास केवल एक पार्षद की सीट होने के बावजूद वे मेयर चुनाव में उतरना चाहती थीं और चुनाव परिणाम बाद की बात थी।

उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बीजेपी और कांग्रेस की बाड़ेबंदी के बावजूद कुछ पार्षद क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए था।

AIMIM का दावा- बीजेपी-कांग्रेस के पार्षद संपर्क में थे

फिरोजा बानो के बेटे लुकमान मलकान ने दावा किया कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के कुछ पार्षद उनके संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से इन पार्षदों से बातचीत चल रही थी। इसके अलावा कुछ निर्दलीय पार्षदों के भी संपर्क में होने का दावा किया गया।

लुकमान के मुताबिक, वे करीब ढाई बजे नगर निगम कार्यालय पहुंचे। पहले फॉर्म लिया गया और उसे भरने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद उनके वकील भी मौके पर पहुंचे।

उनका आरोप है कि फॉर्म तैयार होने के बाद जब वे जमा कराने के लिए पहुंचे तो अधिकारियों ने समय समाप्त होने की बात कहकर नामांकन लेने से इनकार कर दिया।

फिरोजा बानो का कहना था कि उनके पास केवल एक पार्षद की सीट होने के बावजूद वे मेयर चुनाव में उतरना चाहती थीं और चुनाव परिणाम बाद की बात थी।

फिरोजा बानो का कहना था कि उनके पास केवल एक पार्षद की सीट होने के बावजूद वे मेयर चुनाव में उतरना चाहती थीं और चुनाव परिणाम बाद की बात थी।

3 बजने में करीब 13-15 मिनट बाकी थे

AIMIM प्रदेश उपाध्यक्ष लुकमान मलकान ने सवाल उठाया कि जब नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा दोपहर 3 बजे थी, तो उससे पहले ही उनका नामांकन कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार जब वे नामांकन जमा कराने पहुंचे, तब तीन बजने में करीब 13 से 15 मिनट बाकी थे।

उन्होंने प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही। लुकमान ने कहा कि चुनाव में जीत या हार का फैसला बाद में होता, लेकिन उन्हें मैदान में उतरने का मौका ही नहीं दिया गया।

लुकमान बोले- ‘2028 में जनता देगी जवाब’

लुकमान मलकान ने आरोप लगाया कि नामांकन रोककर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से उन्हें दूर किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से तैयारी शुरू करेंगे।

वहीं, वार्ड 146 से AIMIM की फिरोजा बानो ने कांग्रेस प्रत्याशी अफरोज पप्पू कुरैशी को करीब 2 हजार वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी। नगर निगम चुनाव में AIMIM को केवल इसी वार्ड में जीत मिली थी। अब मेयर पद के नामांकन के दौरान उनकी उम्मीदवारी दाखिल नहीं हो पाने को लेकर पार्टी ने प्रशासन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।