शहरी सरकार चुनने के लिए हुए नगर निगम चुनाव में इस बार जनता ने विधानसभा चुनाव से भी ज्यादा उत्साह दिखाया। शुक्रवार को हुए नगर निगम चुनाव में 71.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि 25 नवंबर 2023 को हुए विधानसभा चुनाव में 70.47 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। इस तरह निगम चुनाव में विधानसभा चुनाव की तुलना में 1.48 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ। चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 7,12,164 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 5,12,410 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
लूणी में सबसे ज्यादा, जोधपुर शहर में सबसे कम मतदान
विधानसभा क्षेत्रवार मतदान प्रतिशत देखें तो लूणी 72.84 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। लूणी विधानसभा क्षेत्र में निगम सीमा में पहली बार शामिल किए गए आठ वार्ड भी हैं। इसके बाद सूरसागर विधानसभा क्षेत्र के 38 वार्डों में 72.46 प्रतिशत और सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के 28 वार्डों में 72.41 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के 26 वार्डों में सबसे कम 70.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
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आठ वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई राजनीतिक दलों की चिंता
जोधपुर नगर निगम के जिन आठ वार्डों में सबसे अधिक मतदान हुआ, वहां त्रिकोणीय मुकाबले ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। वार्ड 5 में 82.28 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां कांग्रेस के कपिल कच्छावाह और भाजपा के कुनेसिंह के सामने कांग्रेस के बागी विशाल सांखला मैदान में हैं। वार्ड 20 में 81.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां भाजपा के घनश्याम भाटी और कांग्रेस के रवि भाटी के सामने कांग्रेस की बागी चेतन चुनौती दे रहे हैं। वार्ड 26 में 83.16 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां भाजपा के धनराज और कांग्रेस के भरत के मुकाबले निर्दलीय ताराचंद चुनाव मैदान में हैं। वार्ड 27 में 82.79 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां भाजपा के संताराम और कांग्रेस के सुल्तान के सामने कांग्रेस के बागी कासम मैदान में हैं।
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वार्ड 33 में 81.22 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां भाजपा की रेहाना बानो, कांग्रेस की शाहीन अंसारी और निर्दलीय मूमल के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। वार्ड 51 में 84.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां भाजपा की मंजू देवी, कांग्रेस की सरस्वती और आरएलपी की भावना आमने-सामने हैं। वार्ड 65 में 82.56 प्रतिशत मतदान हुआ, जहां भाजपा के मो. आरिफ, कांग्रेस के वसीम और कांग्रेस के बागी अली के बीच मुकाबला है। वहीं वार्ड 66 में सबसे अधिक 85.12 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां भाजपा के राज खान, कांग्रेस के शेर मो. और आरएलपी के मो. इरफान के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।
वार्ड 66 में सबसे ज्यादा, वार्ड 41 में सबसे कम वोटिंग
100 वार्डों में सबसे अधिक मतदान सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 66 में 85.12 प्रतिशत हुआ। इसके बाद वार्ड 51 में 84.02 प्रतिशत और वार्ड 26 में 83.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरी ओर सबसे कम मतदान जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 41 में हुआ, जहां 58.64 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
बढ़े मतदान से बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
जोधपुर में मतदान प्रतिशत बढ़ने का असर राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है। वर्ष 2014 में नगर निगम चुनाव में 63 प्रतिशत मतदान हुआ था और उस चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस से बोर्ड छीन लिया था। इसके बाद वर्ष 2020 में निगम उत्तर में 62.64 प्रतिशत मतदान हुआ और वहां कांग्रेस का बोर्ड बना, जबकि निगम दक्षिण में 59.76 प्रतिशत मतदान के साथ भाजपा ने बोर्ड बनाया था। अब 71.95 प्रतिशत मतदान के बाद सभी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर हैं। इसी दिन सामने आएगा कि बढ़े हुए मतदान का फायदा किस राजनीतिक दल और किस प्रत्याशी को मिला और जनता ने जोधपुर की शहरी सरकार की कमान किसके हाथों में सौंपी है।