देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है। उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने और मूसलाधार बारिश के चलते भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला बीआरओ (BRO) का बेली ब्रिज तेज बहाव में बह गया है, वहीं महाराष्ट्र के तटीय जिलों और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को अति-आवश्यक काम न होने पर घरों में ही रहने की सलाह दी है।
- Published: 13 Sep 2026, 07:52 AM IST
- Last Updated: 13 Sep 2026, 07:52 AM IST
देश के पर्वतीय और तटीय इलाकों में मानसून के प्रचंड रूप के कारण तबाही का दौर जारी है। उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली में नीति घाटी के पास अचानक हुई तेज बारिश और बादल फटने जैसी स्थिति के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
इस जलप्रलय में सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाया गया एक मुख्य वैली ब्रिज पानी के भयंकर बहाव में बह गया, जिससे भारत-चीन सीमांत गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है। दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं।
चमोली में उफान पर नदियां, सीमांत गांवों का टूटा संपर्क
उत्तराखंड के नीति घाटी क्षेत्र में तमक नाले और आसपास की नदियों में जलस्तर अचानक बढ़ जाने से लोहे का मजबूत पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस पुल के बहने से सेना और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही पर ब्रेक लग गया है।
सीमा सड़क संगठन के कर्मचारी और मशीनरी स्थिति को बहाल करने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के काम में जुट गए हैं- हालांकि, लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण राहत कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं।
महाराष्ट्र में आफत की बारिश, मुंबई और कोंकण में अलर्ट
पश्चिमी भारत के महाराष्ट्र राज्य में भी बारिश के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुंबई, ठाणे, पालघर और कोंकण क्षेत्र के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से निचले इलाकों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को अति-आवश्यक काम न होने पर घरों में ही रहने की सलाह दी है।
पहाड़ों पर लैंडस्लाइड से राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ राजमार्ग पर जगह-जगह मलबा आने से यातायात को सुरक्षा कारणों से रोका गया है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम का हाल देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की तैयारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के लिए पर्वतीय क्षेत्रों और तटीय महाराष्ट्र में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।