अमेरिका-इजरायल पर बरसे ईरानी राष्ट्रपति, बोले- दबाव और अहंकार के आगे नहीं झुकेगा ईरान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारतीय धार्मिक नेताओं, विद्वानों और व्यापारियों को संबोधित करते हुए न्याय, बराबरी और स्वतंत्रता पर ईरान का पक्ष साफ किया
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारतीय धार्मिक नेताओं, विद्वानों और व्यापारियों को संबोधित करते हुए न्याय, बराबरी और स्वतंत्रता पर ईरान का पक्ष साफ किया
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Iran President:ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारतीय धार्मिक नेताओं, विद्वानों और व्यापारियों को संबोधित करते हुए न्याय, बराबरी और स्वतंत्रता पर ईरान का पक्ष साफ किया. उन्होंने कहा कि ईरान एक ऐसा समाज बनाना चाहता है जहां सभी लोग बिना किसी शोषण या ज़ुल्म के आजाद रहकर जीवन बिता सकें.
'लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की गई'
अमेरिका और उसके साथी देश नहीं चाहते कि ईरान स्वतंत्र रहे, इसी वजह से क्रांति के बाद से ही देश पर प्रतिबंध लगाए गए और लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की गई. ईरान का मानना है कि दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए न्याय बेहद ज़रूरी है, क्योंकि सभी इंसान बराबर हैं.
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'ईरान किसी के सामने नहीं घुटने नहीं टेकेगा'
अमेरिका और इजराइल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान सच्चाई और न्याय की राह पर चल रहा है और वह किसी भी देश के अहंकार या दबाव के आगे नहीं झुकेगा. आज ईरान इन दोनों देशों की दबाव बनाने की नीतियों का मजबूती से मुकाबला कर रहा है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि ईरान कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेकेगा और अगर उस पर हमला या दबाव बनाने की कोशिश हुई, तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका पर साधा निशाना
पश्चिमी देशों के मानवाधिकार दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी खुद को मानवाधिकारों का रक्षक बताते हैं, लेकिन असलियत में वे खुद आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके मासूमों की जान ले रहे हैं. उन्होंने पूछा कि अगर अपनी आजादी की बात करने वाले ईरान को आतंकवादी कहा जाता है, तो निर्दोष बच्चों और आम लोगों को मारने वालों को क्या कहना चाहिए.
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