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अगला ब्रिक्स समिट चीन में, इसकी मेजबानी कौन करेगा, कैसे तय होता है? यह है नियम

September 12, 2026

अगला ब्रिक्स समिट चीन में, इसकी मेजबानी कौन करेगा, कैसे तय होता है? यह है नियम

ब्र‍िक्‍स समिट 2027 का आयोजन चीन में होगा.

नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट का आयोजन किया गया है. यह पहला मौका नहीं है. भारत चौथी बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है. इस साल इसका आयोजन होता है, लेकिन इसके सदस्य देश में. यानी हर साल एक अलग सदस्य देश इसका आयोजन करता है और यह जिम्मेदारी सालाना घूमती रहती है.

जो देश उस साल की चेयरशिप (अध्यक्षता) संभालता है, वही समिट का आयोजन भी करता है. यह परंपरा 2009 में पहले समिट से चली आ रही है, जब रूस ने येकातेरिनबर्ग में पहली बैठक की मेजबानी की थी. अब सवाल है कि कैसे तय होता है कि अगला समिट किस देश में होगा और क्या होता है इसका मतलब.

अगला आयोजन चीन में

18वां BRICS समिट 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है. भारत ने 1 जनवरी 2026 को ब्राजील से इसकी चेयरशिप संभाली थी. इस साल की थीम है “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”. भारत चौथी बार इसका आयोजन कर रहा है. इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी अध्यक्षता कर चुका है. इस साल समिट में ब्राज़ील, रूस, चीन, साउथ अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और UAE जैसे 11 सदस्य देशों के नेता शामिल हो रहे हैं. मेजबान के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यह आयोजन हो रहा है.

What Is Brics

भारत के बाद 19वां BRICS समिट 2027 में चीन में होगा. यह चौथी बार होगा जब चीन इस समिट की मेज़बानी करेगा. इससे पहले चीन 2011 और 2017 में BRICS समिट होस्ट कर चुका है. 2022 में भी बीजिंग में वर्चुअल समिट की अध्यक्षता की थी.

रोटेशन कैसे तय होता है

BRICS में मेजबानी के लिए कोई सख्त अल्फाबेटिकल क्रम तय नहीं है. शुरुआती पांच सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका के बीच बारी-बारी से चेयरशिप घूमती रही है. सदस्य देश आपसी सहमति से यह तय करते हैं कि अगली बारी किसकी होगी. हाल के वर्षों का क्रम कुछ इस तरह रहा है.

  • 2022 — चीन (बीजिंग, वर्चुअल)
  • 2023 — साउथ अफ्रीका (जोहान्सबर्ग)
  • 2024 — रूस (कज़ान)
  • 2025 — ब्राज़ील
  • 2026 — भारत (नई दिल्ली)
  • 2027 — चीन (प्रस्तावित)

यह पैटर्न दिखाता है कि मूल पांच देशों में बारी घूम रही है, भले ही 2024 के बाद समूह में नए सदस्य जुड़ चुके हैं.

Brics Member And Partner Countries

ब्रिक्स में 11 पूर्ण सदस्य और 10 पार्टनर कंट्री हैं.

BRICS सिर्फ मेजबानी में ही नहीं बदल रही, बल्कि सदस्यता में भी विस्तार हो रहा है. 2024 के कजान समिट में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE पहली बार पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल हुए थे. इसके बाद 2025 में दस और देश बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कज़ाखस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज़्बेकिस्तान और वियतनाम पार्टनर कंट्री के तौर पर जुड़े. यानी अब BRICS सिर्फ पांच देशों का समूह नहीं, बल्कि दुनिया के एक बड़े हिस्से को साथ लेकर चलने वाला मंच बन चुका है.

ब्रिक्स समिट का रोटेशन क्यों है अहम?

हर साल मेजबान देश ही उस साल के एजेंडे, थीम और प्राथमिकताओं को तय करता है. जैसे भारत ने इस बार ‘पीपल-सेंट्रिक’ और ‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ दृष्टिकोण को आगे रखा है, जो 2025 के रियो समिट में पीएम मोदी के बयान से प्रेरित है. इसी वजह से हर साल का समिट पिछले साल से अलग नज़र आता है.

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अंकित गुप्ता

अंकित गुप्ता

नवाबों के शहर लखनऊ में जन्‍मा. डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से MBA. लिखने की चाहत और खबरों से आगे की कहानी जानने का जुनून पत्रकारिता में लाया. 2008 में लखनऊ के पहले हिन्‍दी टेबलॉयड ‘लखनऊ लीड’ से करियर से शुरुआत की. फीचर सेक्‍शन में हाथ आजमाया. फ‍िर बाबा गोरखनाथ के नगरी गोरखपुर से दैनिक जागरण के आइनेक्‍स्‍ट से जुड़ा. शहर की खबरों और हेल्‍थ मैगजीन में रिपोर्टिंग के लिए 2013 में राजस्‍थान पत्र‍िका के जयपुर हेडऑफ‍िस से जुड़ा. यहां करीब 5 साल बिताने के बाद डिजिटल की दुनिया में नई शुरुआत के लिए 2018 में दैनिक भास्‍कर के भोपाल हेड ऑफ‍िस पहुंचा. रिसर्च, एक्‍सप्‍लेनर, डाटा स्‍टोरी और इंफोग्राफ‍िक पर पकड़ बनाई. हेल्‍थ और साइंस की जटिल से जटिल खबरों को आसान शब्‍दों में समझाया. 2021 में दैनिक भास्‍कर को अलविदा कहकर TV9 ग्रुप के डिजिटल विंग से जुड़ा. फ‍िलहाल TV9 में रहते हुए बतौर असिस्‍टेंट न्‍यूज एडिटर ‘नॉलेज’ सेक्‍शन की कमान संभाल रहा हूं. एक्‍सप्‍लेनर, डाटा और रिसर्च स्‍टोरीज पर फोकस भी है और दिलचस्‍पी भी.

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