
स्कूल में बच्चों ने किया प्रदर्शन.
West Champaran News: कभी स्कूल की घंटी बजते ही किताब-कॉपी लेकर कक्षा में पहुंचने वाले छोटे-छोटे बच्चे अब अपने हक के लिए आवाज भी उठाने लगे हैं. पश्चिमी चंपारण के बैरिया बाजार स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में शुक्रवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. मिड-डे मील के मेन्यू के अनुसार, बच्चों को अंडा मिलना था, लेकिन जब उनकी थाली में अंडा नहीं पहुंचा तो बच्चों का गुस्सा फूट पड़ा. अंडा नहीं मिलने से नाराज बच्चों ने स्कूल परिसर में अपनी थालियां पटक-पटककर विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते स्कूल में हंगामे की स्थिति बन गई. छोटे-छोटे बच्चों का यह विरोध सिर्फ स्कूल परिसर तक नहीं रुका, बल्कि वे स्कूल से निकलकर बीआरसी कार्यालय के सामने भी पहुंच गए और प्रदर्शन किया.
थाली में अंडा नहीं आया तो बच्चों ने उठाई आवाज
बताया गया कि मध्याह्न भोजन के निर्धारित मेन्यू में शुक्रवार को बच्चों को अंडा दिया जाना था. बच्चे भोजन करने बैठे, लेकिन उनकी थाली में अंडा नहीं मिला. इसके बाद छात्रों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया. बच्चों का कहना था कि जब मेन्यू में अंडा निर्धारित है तो उन्हें अंडा क्यों नहीं दिया गया? इसी नाराजगी में छात्रों ने अपनी थालियां पटककर विरोध जताया.
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घटिया खाना देते हैं, नाम काटने की धमकी का आरोप
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब प्रदर्शन कर रहे बच्चों ने स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए. बच्चों ने आरोप लगाया कि उन्हें घटिया खाना खिलाया जाता है. छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे खाने को लेकर अपनी बात रखते हैं या शिकायत करते हैं तो उन्हें स्कूल से नाम काट देने की धमकी दी जाती है.
स्कूल परिसर में प्रदर्शन के बाद आक्रोशित बच्चे बीआरसी कार्यालय के सामने भी पहुंच गए. वहां बच्चों ने अपनी शिकायत और नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदर्शन किया. इस पूरे घटनाक्रम ने मिड-डे मील व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उस उम्र में उन्हें अपने भोजन के अधिकार के लिए थाली पटककर आवाज उठानी पड़ रही है.
BDO ने लिया संज्ञान, जांच का भरोसा
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने संज्ञान लिया. उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को मामले की जांच कराने का भरोसा दिया. साथ ही कहा कि यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अब सबकी नजर जांच पर है. जांच के बाद ही यह साफ होगा कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार, अंडा क्यों नहीं दिया गया और भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है.
शुक्रवार को अंडा देने का प्रावधान
बिहार के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है. शुक्रवार को बच्चों को उबला अंडा देने का प्रावधान है. ऐसे में बैरिया के राजकीय मध्य विद्यालय में अंडा नहीं मिलने पर बच्चों का इस तरह विरोध करना अब चर्चा का विषय बन गया है.

मोहित पंडित
मोहित पंडित ने साल 2004 से अपनी पत्रकारिता की शुरुआत की. नई बात, सन्मार्ग, सोनभद्र जैसे अखबारों में वे अपनी सेवा दे चुके हैं. वे सीमांचल के समाचारों को सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं और स्थानीय घटनाओं को उच्च स्तर पर रिपोर्ट करने में निपुण हैं. उनकी लेखनी में संवेदनशीलता और नैतिकता झलकती है.
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