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नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से भारी नुकसान, भरपाई के लिए इतने अरब की जरूरत

September 10, 2026

सरकार का अनुमान है कि सामाजिक बुनियादी ढांचे को फिर से बहाल करने के लिए 103.55 अरब नेपाली रुपये (67.819 करोड़ डॉलर) की जरूरत होगी। व्यवसाय, बैंक और कृषि सहित उत्पादक क्षेत्र के लिए 50.77 अरब नेपाली रुपये (33.251 करोड़ डॉलर) की अतिरिक्त जरूरत होगी।

नेपाल की सरकार ने अनुमान जताया है कि 26 अगस्त को रसुवा के भोटेकोशी नदी क्षेत्र में आयी विनाशकारी बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 723.31 अरब नेपाली रुपये (4.74 अरब डॉलर) से अधिक की जरूरत पड़ेगी। यह आंकड़ा राष्ट्रीय योजना आयोग और राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण की संयुक्त तकनीकी टीम द्वारा तैयार त्वरित क्षति एवं आवश्यकता आकलन में सामने आया है। कुल राशि में से 473.57 अरब नेपाली रुपये (3.10 अरब डॉलर) बुनियादी ढांचे को फिर से बहाल करने के लिए आवश्यक होने का अनुमान है। यह कुल पुनर्बहाली जरूरत का करीब 75 प्रतिशत है। ऊर्जा और परिवहन से जुड़े बुनियादी ढांचे को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।बाढ़ से 759 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली 13 जलविद्युत परियोजनाएं और कुल 24 मेगावाट क्षमता वाले पांच सौर ऊर्जा संयंत्र प्रभावित हुए हैं।

आकलन के अनुसार, क्षतिग्रस्त ऊर्जा बुनियादी ढांचे और बिजली ग्रिड को बहाल करने पर 390.62 अरब नेपाली रुपये (2.56 अरब डॉलर) खर्च होने का अनुमान है। सड़कों और पुलों को भी भारी नुकसान पहुंचा। करीब 69 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि 33 मोटर योग्य पुल बह गए और चार अन्य पुलों को आंशिक नुकसान हुआ। प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद 64 झूला पुलों में से 53 क्षतिग्रस्त हो गये। परिवहन बुनियादी ढांचे की पुनर्बहाली पर 73.34 अरब नेपाली रुपये (48.033 करोड़ डॉलर) खर्च होने का अनुमान है। बाढ़ से रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों में मकानों तथा अन्य सामाजिक बुनियादी ढांचे को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। कुल 7,570 निजी मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 48 सरकारी भवनों, 18 स्कूलों, सात स्वास्थ्य केंद्रों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े 30 स्थलों को नुकसान पहुंचा है।

सरकार का अनुमान है कि सामाजिक बुनियादी ढांचे को फिर से बहाल करने के लिए 103.55 अरब नेपाली रुपये (67.819 करोड़ डॉलर) की जरूरत होगी। व्यवसाय, बैंक और कृषि सहित उत्पादक क्षेत्र के लिए 50.77 अरब नेपाली रुपये (33.251 करोड़ डॉलर) की अतिरिक्त जरूरत होगी। बाढ़ से 1,806 हेक्टेयर कृषि भूमि, 17 बैंक शाखाएं और करीब 4,800 कारोबार प्रभावित हुए हैं। पांच जिलों में प्रभावित 15 स्थानीय सरकारी इकाइयों में नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका में निजी मकानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। यहां 3,026 मकान प्रभावित हुए हैं।

आकलन के अनुसार, आपदा जोखिम कम करने और नदी प्रबंधन के लिए 94.75 अरब नेपाली रुपये (62.056 करोड़ डॉलर) की जरूरत होगी। वहीं, बाढ़ के बाद जमा हुए कीचड़ और मलबे को हटाने तथा उसके प्रबंधन के लिए 5154 लाख नेपाली रुपये (33.8 लाख डॉलर) की आवश्यकता होगी।पुनर्निर्माण कार्यक्रम को दो चरणों में बांटा गया है। अगले छह महीनों में तत्काल राहत और अल्पकालिक पुनर्निर्माण के लिए सरकार का अनुमान है कि 8.74 अरब नेपाली रुपये (5.724 करोड़ डॉलर) की जरूरत होगी। दीर्घकालिक पुनर्निर्माण पर 714.58 अरब नेपाली रुपये (468 करोड़ डॉलर) खर्च होने का अनुमान है। यह आकलन 26 अगस्त को आयी बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं, आर्थिक गतिविधियों और आपदा प्रबंधन प्रणालियों को बहाल करने के लिए आवश्यक संसाधनों का सरकार द्वारा तैयार किया गया शुरुआती अनुमान है।

प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में फिलहाल कुल 12.433 अरब नेपाली रुपये (8.143 करोड़ डॉलर) की राशि उपलब्ध है। प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के कार्यालय के अनुसार, गुरुवार सुबह तक नौ बैंकों में 9.144 अरब नेपाली रुपये (5.989 करोड़ डॉलर) जमा थे, जबकि दो अन्य बैंकों में 21.638 मिलियन डॉलर जमा थे। सरकार ने कहा कि नेपाली रुपये और अमेरिकी डॉलर में उपलब्ध राशि को मिलाकर कुल उपलब्ध धनराशि 12.433 अरब नेपाली रुपये (8.143 करोड़ डॉलर) है। विनाश के इस बड़े पैमाने के कारण नेपाल को अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगने के लिए भी मजबूर होना पड़ा है। नेपाल ने सहायता की अपनी अपील को 'जलवायु न्याय' के मुद्दे से जोड़ा है। उसका तर्क है कि अधिक संपन्न और अधिक कार्बन उत्सर्जन करने वाले देशों की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है कि वे जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने में अधिक संवेदनशील और कमजोर देशों की मदद करें।