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आयुर्वेद में साक्ष्यों की कमी और वैज्ञानिकता पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव?

September 7, 2026

टीवी9 भारतवर्ष के Sehat Samvad 2026 में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने आयुर्वेद पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि हमारा जो आयुर्वेद और पारंपरिक उपचार पद्धतियां हैं ये तो एलोपैथी के बहुत पहले से यहां हैं. हमारे देश में सभी लोग इससे उपचार करते थे और स्वस्थ भी रहते थे. मौजूदा समय में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद से आयुर्वेद और योग का महत्व न सिर्फ देश में बल्कि दुनिया में भी बढ़ा है.

उन्होंने कहा कि इसका प्रचार पीएम मोदी खुद भी करते हैं और हमारा मंत्रालय भी इसपर काम करता है. प्रतापराव ने कहा कि हमारी प्रतिस्पर्धा एलोपैथी से नहीं है बल्कि हमारा उद्देश्य दोनों के इंटीग्रेटेड सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाना है. कुछ चीजें एलोपैथ में भी अच्छे ढंग से होती हैं. जैसे कि किसी केस में सर्जरी या फिर कोई इमरजेंसी होने पर बढ़िया ढंग से काम होता है.

‘लोग आयुर्वेद को अपना रहे हैं’

गणपतराव जाधव ने बताया कि अच्छे स्वास्थ्य रहने के लिए आयु्र्वेदा में भी बहुत सारे उपचार हैं. ये प्रिवेंटिव होने के साथ-साथ क्यूरेटिव भी हैं. लोगों के बीच बीमारियां पहुंचे ही नहीं और वो बीमार न हों हमलोग इसके लिए काम करते हैं. यही वजह है कि लोग आयुर्वेद को इसलिए अपना भी रहे हैं. दोनों ही अपने-अपने जगह पर लोगों को ठीक करने का काम करते हैं. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में सभी बीमारियों के इलाज है और किसी को कोई बीमारी न हो इसके लिए हमारा योग बहुत अच्छी तरह से काम कर रहा है. इसकी वजह से लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर हो रहा है.

प्रमाणिकता और वैज्ञानिकता पर क्या बदलाव?

वैज्ञानिकता और प्रमाणिकता के आधार पर हमारी जो पारंपरिक पैथीज हैं इनका स्थान एलोपैथ के मुकाबले कहां है? इस सवाल के जवाब में प्रतापराव ने कहा कि देखिए ये सही बात है कि आयुर्वेद या हमारे मंत्रालय की अलग-अलग जो भी पैथीज हैं उनके पास साक्ष्यों की कमी थी. उन्होंने बताया कि जबसे आयुष मंत्रालय बना है, तबसे हमने रिसर्च और एविडेंस का काम हमने बहुत तेजी से किया है. इसको लेकर हमारे देश में अलग-अलग 5 रिसर्च सेंटर भी बनाए गए हैं.

आकांक्षा मिश्रा

आकांक्षा मिश्रा

प्रयागराज की रहने वाली आकांक्षा मिश्रा को लिखने-पढ़ने में रुचि है. उन्हें सामाजिक मुद्दों पर लिखना पसंद है. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और आगे की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस से जारी रखी. इसी दौरान उन्हें टीवी9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में शामिल होने का मौका मिला. जनवरी, 2024 से वो टीवी9 में बतौर ट्रेनी कार्यरत हैं.

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