फतेहाबाद में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों का आंदोलन 29वें दिन भी जारी रहा। इतने दिनों से धरने पर डटे सफाई कर्मियों के तेवर ढीले पड़ने के बजाय और तीखे नजर आ रहे हैं। गुरुवार को आंदोलन में नया मोड़ तब आया जब प्रशासन द्वारा डोर-टू-डोर कचरा उठाने के लिए
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कचरा उठाने की व्यवस्था ध्वस्त होती देख प्रशासन को आपातकालीन कदम उठाने पड़े। डोर-टू-डोर गाड़ियों को चलाने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत ड्राइवरों को ड्यूटी पर बुलाया गया।
इतना ही नहीं, गाड़ियों पर कचरा भरने के लिए नगर परिषद की विभिन्न शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों को बतौर हेल्पर तैनात करना पड़ा। इस पूरी खिंचातान का सीधा असर नगर परिषद के कामकाज पर पड़ा, जिससे कार्यालय के अधिकांश कमरे और टेबल दिनभर सुनसान नजर आए।

फायर ब्रिगेड परिसर में खड़ी गाड़ियां।
फायर ब्रिगेड पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
दूसरी ओर, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के महानिदेशक (DG) द्वारा जारी की गई अल्टीमेटम की मियाद आज सुबह 9:00 बजे खत्म हो गई। चेतावनी के बावजूद हड़ताली दमकलकर्मी काम पर वापस नहीं लौटे। समय सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद फतेहाबाद विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने गैर-हाजिर कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पंचकूला स्थित महानिदेशक कार्यालय भेज दी है।
सूत्रों के मुताबिक, अल्टीमेटम का उल्लंघन करने वाले इन कर्मचारियों पर अब टर्मिनेशन (सेवा समाप्ति) जैसी सबसे सख्त विभागीय कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

वर्तमान में आपातकालीन मोर्चे पर 72 कर्मचारी कार्यरत
हड़ताल के कारण जिले भर की फायर ब्रिगेड सेवाओं पर भारी असर पड़ा है। प्रशासनिक अमला जैसे-तैसे वैकल्पिक इंतजामों के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल जिले में कुल 72 कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात हैं।

70 कर्मचारियों की रिपोर्ट महानिदेशक कार्यालय भेजी
फतेहाबाद फायर स्टेशन अधिकारी सचिन ने बताया कि हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को महानिदेशक ऑफिस से लेटर जारी कर आज 9 बजे तक काम पर लौटने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोई काम पर नहीं आया। ऐसे 70 कर्मचारियों की रिपोर्ट महानिदेशक कार्यालय भेज दी है।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार दमनकारी नीतियां अपनाकर आंदोलन को दबाना चाहती है, जबकि उनका संघर्ष जायज मांगों को लेकर है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का रुख साफ है कि जनता से जुड़ी जरूरी सेवाओं को बाधित करने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।