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डिजिटल नव-उपनिवेशवाद का कैसे करें मुकाबला? रूसी प्रवक्ता ने बताया रास्ता
डिजिटल नव-उपनिवेशवाद का कैसे करें मुकाबला? रूसी प्रवक्ता ने बताया रास्ता
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डिजिटल क्षेत्र पर एकाधिकार रखने वाले देश अन्य राष्ट्रों को अपनी संप्रभु डिजिटल प्रणालियां विकसित करने से हतोत्साहित कर रहे हैं, ताकि उन पर अपना नियंत्रण बनाए... 02.09.2026, Sputnik भारत
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रूस
मारिया ज़खारोवा
उपनिवेशवाद
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उन्होंने कहा कि पहले उपनिवेशवाद के लिए सेनाओं, रियायतों और संसाधनों के दोहन का सहारा लिया जाता था, जबकि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संचार माध्यमों का इस्तेमाल हो रहा है।उन्होंने यूक्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि नई औपनिवेशिक शक्तियों के "वर्चुअल गवर्नर" राष्ट्रवादी बयानबाजी की आड़ में देशों को भीतर से तोड़ रहे हैं।
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रूस , मारिया ज़खारोवा, उपनिवेशवाद
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डिजिटल नव-उपनिवेशवाद का कैसे करें मुकाबला? रूसी प्रवक्ता ने बताया रास्ता
13:17 02.09.2026 (अपडेटेड: 13:29 02.09.2026)
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डिजिटल क्षेत्र पर एकाधिकार रखने वाले देश अन्य राष्ट्रों को अपनी संप्रभु डिजिटल प्रणालियां विकसित करने से हतोत्साहित कर रहे हैं, ताकि उन पर अपना नियंत्रण बनाए रख सकें। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने पूर्वी आर्थिक मंच के दौरान Sputnik की ओर से आयोजित परिचर्चा में यह बात कही।
जखारोवा ने कहा, "यह डिजिटल माध्यमों के जरिए नव-उपनिवेशवाद को मजबूत करने का प्रयास है।"
उन्होंने कहा कि पहले उपनिवेशवाद के लिए सेनाओं, रियायतों और संसाधनों के दोहन का सहारा लिया जाता था, जबकि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संचार माध्यमों का इस्तेमाल हो रहा है।
जखारोवा ने डिजिटल नव-उपनिवेशवाद का मुकाबला करने के लिए देशों की अपनी संप्रभु डिजिटल प्रणालियों के विकास को जरूरी बताया। हालांकि, उन्होंने कहा, "ऐसी प्रणालियां तैयार करने के लिए बहुत बड़े संसाधनों की जरूरत होती है और हर देश इसका खर्च नहीं उठा सकता।"
उन्होंने यूक्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि नई औपनिवेशिक शक्तियों के "वर्चुअल गवर्नर" राष्ट्रवादी बयानबाजी की आड़ में देशों को भीतर से तोड़ रहे हैं।

1 सितंबर , 11:37