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बीजेपी नेता हरीश द्विवेदी के काफिले के बीच फंसी एंबुलेंस? वायरल वीडियो ने खड़े किए वीआईपी मूवमेंट पर गंभीर सवाल - Haribhoomi

September 1, 2026

बीजेपी नेता हरीश द्विवेदी के काफिले के बीच फंसी एंबुलेंस? वायरल वीडियो ने खड़े किए वीआईपी मूवमेंट पर गंभीर सवाल

बीजेपी नेता हरीश द्विवेदी के काफिले के दौरान लगे जाम में एंबुलेंस फंसने का वीडियो वायरल। वीआईपी मूवमेंट और प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल।

Harish Dwivedi convoy, viral ambulance video

Harish Dwivedi convoy, viral ambulance video

  • Published: 01 Sep 2026, 07:14 PM IST
  • Last Updated: 01 Sep 2026, 07:14 PM IST

Harish Dwivedi convoy: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हरीश द्विवेदी के काफिले और कथित शक्ति प्रदर्शन के चलते सड़क परिवहन और यातायात व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। लखनऊ से लेकर बाराबंकी, अयोध्या और बस्ती तक के रास्तों पर लंबा ट्रैफिक जाम लगने का दावा किया जा रहा है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक एंबुलेंस जाम के बीच फंसी हुई नजर आ रही है। इस घटना के सामने आने के बाद से आम जनता में प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट को लेकर गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।

वायरल वीडियो और एंबुलेंस का मामला
सामने आए वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि नेताजी के काफिले के गुजरने के दौरान आपातकालीन सेवा यानी एंबुलेंस को तुरंत रास्ता नहीं मिल सका। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। सामान्य परिस्थितियों में, जब भी कोई एंबुलेंस आती है तो ट्रैफिक रोककर उसे पहली प्राथमिकता दी जाती है। कई अवसरों पर देश के बड़े राजनेता भी अपने काफिले को रोककर एंबुलेंस को पहले जाने का रास्ता देते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या किसी भी राजनीतिक या वीआईपी मूवमेंट की वजह से जनता और इमरजेंसी सर्विस को इस तरह से बाधित करना सही है?

हरीश द्विवेदी के काफिले में एंबुलेंस को जगह नहीं दी गई। सत्ता के नशे में चूर हरीश द्विवेदी ऐसा दिखाते रहे जैसे वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, योगी आदित्यनाथ का भी उनपर कोई बस नहीं।

मरीज जीवन और मौत के बीच जूझते रहे, हरीश द्विवेदी अपना स्वागत करवाते रहे। क्या केवल स्वागत… pic.twitter.com/jwhzhJahvD

— Shivam Yadav (@ShivamYadavjii) September 1, 2026

मरीजों की जान पर बन सकती है ऐसी लापरवाही
सड़क पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे किसी भी मरीज के लिए एक-एक मिनट बेहद कीमती होता है। यदि वास्तव में वीआईपी मूवमेंट के कारण एंबुलेंस को समय पर रास्ता नहीं मिल पाया, तो यह केवल ट्रैफिक जाम की समस्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इमरजेंसी सिस्टम की एक बड़ी चूक का विषय बन जाता है। इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद इंटरनेट पर लोग अपनी कड़ी आपत्ति जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि राजनेताओं को जनता के लिए मिसाल बननी चाहिए और आपातकालीन वाहनों को हमेशा सबसे ऊपर रखना चाहिए, न कि अपने राजनीतिक प्रभाव का प्रदर्शन आम जनता की परेशानी की कीमत पर करना चाहिए।

जांच और प्रशासन की भूमिका पर नजर
पूरे घटनाक्रम के बीच अभी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। मसलन, यह स्पष्ट होना अभी शेष है कि वह एंबुलेंस जाम में कितने वक्त तक फंसी रही, उस समय ट्रैफिक जाम की मुख्य वजह क्या थी और मौके पर तैनात यातायात पुलिस कर्मियों ने उस एंबुलेंस को निकालने के लिए क्या कदम उठाए। बहरहाल, क्या वीआईपी और राजनीतिक रसूख के प्रदर्शन के लिए आम नागरिकों की आवाजाही के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी ताक पर रखना स्वीकार किया जा सकता है? अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे और वायरल वीडियो की सच्चाई को सबके सामने रखे।