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परिसीमन के जरिये आदिवासियों की सीट घटाने की साजिश में जुटी भाजपा एवं आरएसएस: कांग्रेस

August 30, 2026

(तस्वीरों के साथ)

रांची, 30 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) परिसीमन के जरिये विधायिका में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीट की संख्या कम करने की कोशिश करके उन्हें ‘खामोश करने की साजिश’ रच रहे हैं।

पार्टी ने कहा कि यदि 2007-08 की रिपोर्ट के आधार पर परिसीमन किया जाता है तो वह इसका विरोध करेगी।

केंद्र सरकार ने 14 फरवरी, 2008 को परिसीमन आयोग की रिपोर्ट स्वीकार की थी, जिससे देश के राजनीतिक नक्शे में बदलाव हुआ था। हालांकि, झारखंड के साथ-साथ असम, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में परिसीमन प्रक्रिया को 2026 तक टालने का फैसला किया गया था। इसके लिए बाद में संसद ने संशोधन विधेयक पारित किया था।

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यहां मोरहाबादी मैदान में आयोजित ‘आदिवासी एकता महाजुटान रैली’ को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि पार्टी आदिवासियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और जल, जंगल, जमीन पर उनके अधिकारों की रक्षा की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा आदिवासियों से कहती है कि वे वनवासी हैं, लेकिन हमारे नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आप ‘मूलवासी’ हैं और जल, जंगल और जमीन पर आपका पूरा अधिकार है।’’

राजू ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें सभा को यह संदेश देने के लिए कहा था कि प्रस्तावित परिसीमन ‘भाजपा की साजिश’ है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आदिवासियों की सीट की संख्या कम करना है।

अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने कहा कि पार्टी परिसीमन के जरिये आदिवासियों के प्रतिनिधित्व को कम करने की किसी भी कोशिश का विरोध कर रही है।

भूरिया ने कहा, ‘‘भाजपा परिसीमन के दौरान हमारी प्रतिनिधित्व वाली सीट की संख्या कम करने की कोशिश कर रही है। हम इसी के विरोध में इस रैली के माध्यम से आवाज उठा रहे हैं।’’

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, ‘‘खनन, उद्योगों की स्थापना, बड़ी परियोजनाओं या बड़े बांधों के निर्माण के कारण आदिवासियों को सबसे अधिक विस्थापन का सामना करना पड़ा है, जो 70 प्रतिशत तक है। हमारी आबादी में 13 प्रतिशत की कमी आई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आदिवासियों की जमीनें छीनी जा रही हैं। अब भाजपा और आरएसएस परिसीमन के नाम पर उनकी सीट की संख्या कम करके उन्हें खामोश करने की साजिश कर रहे हैं, लेकिन बिरसा मुंडा की इस धरती पर वे कभी सफल नहीं होंगे। आदिवासी सीट कम नहीं की जा सकती और उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती।’’

पूर्व मंत्री बंधु टिर्की ने कहा, ‘‘आज हमें प्रस्तावित परिसीमन के खिलाफ लड़ने का संकल्प लेना होगा। यह राज्य आदिवासियों के लिए बनाया गया था और हम आदिवासियों के अधिकार छीनने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’

इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने अपने राजनीतिक सफर के दौरान आदिवासियों को ‘धोखा दिया और गुमराह किया’।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की जनसांख्यिकी (आबादी की संरचना) को योजनाबद्ध तरीके से बदला जा रहा है।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने सवाल किया, ‘‘जनसांख्यिकी में बदलाव को लेकर कांग्रेस, मिशनरी और हेमंत सरकार चुप क्यों हैं?’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश