world-news

डीआर काँगो: बढ़ते इबोला मामलों पर ‘उदासीनता’ की निन्दा

August 28, 2026

डीआर काँगो: बढ़ते इबोला मामलों पर ‘उदासीनता’ की निन्दा

मुख्य बिन्दु

  • मई के मध्य में प्रकोप शुरू होने के बाद से डीआर काँगो के छह प्रभावित प्रान्तों में 5,600 से अधिक मामले और 2,700 मौतें दर्ज.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, संक्रमण की रफ़्तार धीमी हुई है, लेकिन फैलाव का रुझान अभी नहीं बदला है.
  • संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, पड़ोसी बुरुंडी में रोकथाम के प्रयास शुरू हो चुके हैं.

उन्होंने कहा, “चुनौती बहुत बड़ी है.” हर सप्ताह इबोला के लगभग 500 नए मामले सामने आ रहे हैं, जबकि मानवीय सहायता प्रयासों के लिए आवश्यक धनराशि का केवल 48 प्रतिशत ही उपलब्ध हो पाया है.

अनुमान है कि मौजूदा संसाधन केवल कुछ हफ़्तों तक ही चल पाएँगे. इबोला का प्रसार उसे रोकने के प्रयासों से अधिक तेज़ी से हो रहा है.

महासचिव ने कहा, “हम जानते हैं कि इबोला को कैसे क़ाबू में करना है, संक्रमण की कड़ी कैसे तोड़नी है और लोगों की जान कैसे बचानी है. लेकिन हमें एक और वायरस से भी लड़ना होगा - उदासीनता के वायरस से.”

अधिक वित्तीय सहायता की ज़रूरत

महासचिव ने चेतावनी दी, “अगर अतिरिक्त वित्तीय सहायता नहीं मिला, तो राहत कार्यों के लिए उस समय धन ख़त्म हो जाएँगे, जब उन्हें और तेज़ करने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होगी.” उन्होंने अतिरिक्त 1.1 अरब डॉलर की अपील की.

लेकिन चुनौती केवल धन की नहीं है. इबोला ऐसे क्षेत्र में फैल रहा है, जहाँ दशकों से जारी हिंसक टकरावों के कारण बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और स्वास्थ्य सेवाएँ कमज़ोर पड़ी हैं. केवल इतुरी प्रान्त में 10 लाख लोग विस्थापित हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में 1.2 करोड़ से अधिक लोगों को मानवीय सहायता और संरक्षण की ज़रूरत है.

असुरक्षा भी राहत प्रयासों में बड़ी बाधा है. 40 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की जान जा चुकी है और उपचार केन्द्रों व एम्बुलेंस पर हमले हुए हैं. ऐसे में मानवीय सहायता दलों को इबोला और हिंसा, दोनों से एक साथ जूझना पड़ रहा है, जबकि कुछ समुदायों तक पहुँचना अब भी मुश्किल है.

समाज के हर वर्ग की भागेदारी

इबोला के ख़िलाफ़ जागरूकता फैलाने के लिए स्थानीय कलाकार और सोशल मीडिया के प्रभावशाली लोग भी आगे आ रहे हैं. इनमें प्रसिद्ध काँगोली गायक और गीतकार लोकुआ कान्ज़ा शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) के राष्ट्रीय सदभावना दूत लोकुआ कान्ज़ा ने एजेंसी के सोशल मीडिया मंच पर जारी एक वीडियो में लोगों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की.

संगीत जोड़ी वेडी और गायक ड्रिगो एबोमा ने भी इबोला का फैलाव रोकने का सन्देश देने वाले गीत जारी किए हैं. वहीं, एक लाख से अधिक अनुयायियों वाले सोशल मीडिया के 15 प्रभावशाली लोगों ने युवजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने मंचों का इस्तेमाल किया है.

धार्मिक नेता भी इस मुहिम में शामिल हैं. प्रकोप के केन्द्र इतुरी प्रान्त में 50 से अधिक धार्मिक नेताओं को संक्रमण रोकने और अफ़वाहों से निपटने के तरीक़ों की जानकारी दी गई है.

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र और स्थानीय साझीदारों ने लगभग 30 पूर्व लड़ाकों को बचाव के उपायों एवं संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया. इसके बाद, स्थानीय समुदायों तक यह ज़रूरी जानकारी पहुँचाने के लिए उन्हें इतुरी प्रान्त के उत्तरी हिस्सों के भीड़भाड़ वाले इलाक़ों में भेजा गया.

बुरुंडी में तैयारियाँ तेज़

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियाँ और साझीदार, पड़ोसी बुरुंडी में इबोला के सम्भावित प्रसार से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं.

बुरुंडी में अब तक इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है. लेकिन डीआर काँगो के प्रभावित इलाक़ों से नज़दीकी और सीमा पार लोगों की लगातार आवाजाही के कारण वहाँ संक्रमण फैलने का ख़तरा अधिक है.

तैयारियों के तहत सीमा प्रवेश केन्द्रों पर निगरानी बढ़ाई गई है, तापमान की जाँच की जा रही है और थर्मल स्कैनर लगाए गए हैं. साथ ही नर्सों,सामुदायिक स्वास्थ्यकर्मियों और पत्रकारों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

© UNFPA DRC पूर्वी डीआर काँगो में एक नर्स इबोला मरीज़ों की देखभाल के लिए सुरक्षात्मक उपकरण पहन रही है.

युगांडा में इबोला प्रकोप की समाप्ति घोषित

संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य अधिकारियों और साझीदारों ने गुरुवार को पड़ोसी युगांडा में बुंडिबुग्यो इबोला प्रकोप समाप्त होने की घोषणा की.

देश में आख़िरी मरीज़ को 16 जुलाई को उपचार के बाद छुट्टी दिए जाने के बाद लगातार 42 दिनों तक कोई नया पुष्ट मामला सामने नहीं आया है.

यह 42 दिन की अवधि इबोला की अधिकतम ऊष्मायन अवधि (incubation period) के दोगुने के बराबर है और किसी प्रकोप के समाप्त होने की पुष्टि के लिए अन्तरराष्ट्रीय मानक है.

इस प्रकोप के दौरान युगांडा में इबोला के 20 पुष्ट मामले दर्ज किए गए, जिनमें दो लोगों की मौत हुई. संक्रमण फैलने से रोकने के लिए 800 से अधिक सम्पर्कों की पहचान कर उनकी निगरानी की गई.

यूएन की कार्रवाई

  • संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) के अनुसार, यूएन एजेंसियों और साझीदारों ने राहत कार्रवाई बढ़ाते हुए सुरक्षित और सम्मानजनक अन्तिम संस्कार के लिए 35 अतिरिक्त मोबाइल टीमें और उच्च जोखिम वाले इलाक़ों में 286 सामुदायिक टीमें तैनात की हैं. इनमें 2,500 से अधिक स्वयंसेवक और नागरिक सुरक्षा कर्मी शामिल हैं.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 260 से अधिक विशेषज्ञ तैनात किए हैं और 330 टन से अधिक ज़रूरी चिकित्सा व अन्य सहायता सामग्री पहुँचाई है.
  • विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), यूएन मानवतावादी विमान सेवा (UNHAS) के ज़रिए सहायता पहुँचाने और मरीज़ों को हवाई मार्ग से निकालने का काम जारी रखे हुए है.
  • संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी (IOM) ने जून में 11 देशों के लिए क्षेत्रीय तैयारी योजना शुरू की थी और अब तक 10 लाख से अधिक लोगों की जाँच में मदद की है.
  • बुरुंडी में WHO और साझीदार, इबोला से निपटने की तैयारियाँ बेहतर करने में राष्ट्रीय अधिकारियों की मदद कर रहे हैं. इसमें दिशा-निर्देशों को अपडेट करना और जाँच के नमूनों को सुरक्षित रूप से इकट्ठा करके प्रयोगशालाओं तक पहुँचाने की व्यवस्था मज़बूत करना शामिल है. साथ ही किरुंडी, स्वाहिली और फ़्रेंच भाषाओं में इबोला से बचाव के लगभग 30 हज़ार पोस्टर बाँटे गए हैं.
DRC में यूएन की राहत कार्रवाई के बारे में अधिक जानकारी यहाँ उपलब्ध है.