कुल्लू के श्री बिजली महादेव मंदिर पहुंचीं सांसद कंगना रनौत, पैदल चढ़ाई कर किए दर्शन
Himachal News: कंगना रनौत ने हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल में पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए. कंगना रनौत ने कठिन पैदल चढ़ाई तय कर मंदिर तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की.
Written By : पराक्रम चन्द | Updated at : 13 Jul 2026 02:49 PM (IST)

मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद एवं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत
Source : पराक्रम चंद
मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद एवं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल में पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए. कंगना रनौत ने कठिन पैदल चढ़ाई तय कर मंदिर तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में ध्यान लगाकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया.
इस दौरान उनके साथ परिवार के सदस्य और सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहे. पहाड़ों की मनोरम वादियों और देवदार के घने जंगलों से होकर गुजरने वाली यात्रा के दौरान कंगना ने प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया. दर्शन के बाद उन्होंने अपनी इस धार्मिक यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि कठिन चढ़ाई के बाद महादेव के दर्शन से उन्हें अपार शांति और असीम आनंद की अनुभूति हुई.
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पारंपरिक हिमाचली परिधान में नजर आईं प्रियंका
सोशल मीडिया पर शेयर की गईं तस्वीरों में कंगना पारंपरिक हिमाचली टोपी और सादगीपूर्ण परिधान में नजर आईं. उनकी यह यात्रा हिमाचली संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति उनके जुड़ाव को भी दर्शाती है. यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय वातावरण का आनंद लिया और पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों का स्वाद भी चखा.
बता दें कि समुद्र तल से लगभग 8,100 फीट की ऊंचाई पर स्थित श्री बिजली महादेव मंदिर कुल्लू घाटी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को चांसारी गांव से करीब 3 से 4 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है, जिसे पूरा करने में सामान्यतः डेढ़ से तीन घंटे का समय लगता है.
श्री बिजली महादेव मंदिर को लेकर क्या है मान्यता
बिजली महादेव मंदिर अपनी अनूठी धार्मिक मान्यता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. मान्यता है कि लगभग हर 12 वर्ष में एक बार मंदिर स्थित शिवलिंग पर आकाशीय बिजली गिरती है, जिससे शिवलिंग खंडित हो जाता है. इसके बाद मंदिर के पुजारी शिवलिंग के टुकड़ों को एकत्रित कर मक्खन और सत्तू के लेप से पुनः जोड़ते हैं. श्रद्धालुओं के अनुसार, कुछ समय बाद शिवलिंग फिर अपने मूल स्वरूप में दिखाई देने लगता है. यही अद्भुत परंपरा इस मंदिर को विशेष पहचान प्रदान करती है.
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पराक्रम चन्द 20 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं. हिमाचल की हर छोटी-बड़ी खबरों पर नजर रखते हैं. सियासी खबरों में खास दिलचस्पी रखते हैं. उन्होंने हिंदी में एम फिल हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से किया है. उन्हें महर्षि नारद पुरस्कार से 2019 में सम्मानित किया गया.
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Published at : 13 Jul 2026 02:49 PM (IST)
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