त्योहारों त्योहारों पर मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने 20 जुलाई से 25 अगस्त तक दूध, घी, पनीर और मिठाइयों के 4642 नमूने लिए। लेकिन जांच की रफ्तार ऐसी है कि अब तक सिर्फ 680 नमूनों की रिपोर्ट आई है।
.
3962 नमूनों की रिपोर्ट अभी पेंडिंग है। यानी करीब 85% नमूनों में अभी यह तय ही नहीं हुआ कि खाद्य सामग्री मानक थी या मिलावटी। इस बीच रक्षाबंधन निकल चुका है और आगे भी त्योहार हैं। जिन 680 नमूनों की रिपोर्ट आई, उनमें 174 अमानक निकले व घी के 25 ब्रांड के नमूने असुरक्षित पाए गए।
नागपुर से भोपाल आया मिल्क केक अमानक निकला, जबकि गुजरात से आए घी में मिलावट मिली। महाराष्ट्र और गुजरात समेत दूसरे राज्यों से दूध और उससे बने उत्पाद लगातार प्रदेश में आ रहे हैं।
अब गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने बसों से आने वाली खाद्य सामग्री की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सवाल है कि रिपोर्ट आने तक संदिग्ध मिठाई, मावा, पनीर या घी बाजार में बिक चुका तो उपभोक्ता को कैसे पता चलेगा कि उसने क्या खाया?
मामले में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने कहा कि सैंपल की रिपोर्ट भी एक-एक कर आ रही है। जरूरी जांचों की रिपोर्ट आ रही है। कुछ पेंडिंग हैं, यह भी जल्दी प्राप्त हो जाएगी।
अब तक की जांच में ये मिला... नागपुर का मिल्क केक अमानक, गुजरात का घी असुरक्षित
त्योहारी सीजन में दूसरे राज्यों से भोपाल और प्रदेश में आ रहे दूध और उससे बने उत्पादों की जांच सख्त की गई है। नागपुर से भोपाल आया 166 किलो मिल्क केक अमानक और गुजरात से आए घी के नमूने असुरक्षित मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने कलेक्टरों को बसों से आने वाले संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
भोपाल में अब तक करीब 400 किलो मावा और मिठाइयां जब्त की गई हैं। विशेष अभियान में भोपाल, इंदौर समेत 8 शहरों में घी के 25 ब्रांड के नमूने असुरक्षित मिले हैं। इनमें पाम ऑयल समेत अन्य मिलावट मिली। 174 अन्य नमूने अमानक पाए गए। भोपाल में घी के 9, इंदौर में 7 और उज्जैन में 3 सैंपल फेल हुए हैं।
कटनी, नर्मदापुरम, डिंडौरी, धार और दमोह में भी नमूने अमानक मिले। नादरा बस स्टैंड से जब्त 166 किलो मिल्क केक नागपुर के मनन स्वीट्स से आया था। इसकी रिपोर्ट अमानक आने पर फूड सेफ्टी कंट्रोलर मनोज पुष्प ने नागपुर कलेक्टर को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। गुजरात के खेड़ा की बालाजी डेयरी प्रोडक्ट्स के घी के नमूने असुरक्षित मिलने पर वहां के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
दूसरे शहरों से आने वाली बसों की हो रही चेकिंग दूसरे राज्यों से दूध और दूध से बने उत्पाद बसों के जरिए भी भोपाल और प्रदेश के अन्य शहरों में पहुंच रहे हैं। बाहर से आए उत्पादों के नमूने फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने कलेक्टरों को बसों से आने वाले संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।