'हम इंडिया के हैं, चाइनीज मत बोलो, दुख होता है', नन्ही मासूम को क्यों देनी पड़ी अपने भारतीय होने की सफाई?
Published: Friday, August 21, 2026, 15:37 [IST]
'मैं इंडिया की हूं, मुझे चाइनीज मत बोलो' अरुणाचल प्रदेश की एक छोटी बच्ची का वीडियो (Arunachal Pradesh Girl's Heartfelt Video) सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो में बच्ची बताती है कि एक अंकल ने उसके चेहरे-मोहरे को देखकर उससे पूछा कि क्या वह चाइनीज है। इस सवाल से बच्ची इतनी दुखी हुई कि उसने कैमरे के सामने अपनी बात रखी। वह बार-बार कहती है कि वह और उसका परिवार भारत का रहने वाले हैं और लोगों को उन्हें चाइनीज नहीं कहना चाहिए।
बच्ची का यह मासूम सवाल अब एक बड़े मुद्दे की ओर ध्यान खींच रहा है। देश के पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों को उनके चेहरे और आंखों के आकार की वजह से विदेशी समझे जाने और चाइनीज कहकर बुलाए जाने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। इस वीडियो ने इसी अनुभव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
'हम भी इंडिया के हैं'
वीडियो में बच्ची बताती है कि उसे एक अंकल मिले थे। उन्होंने उससे सीधे पूछा, "आप चाइनीज हैं क्या?" इसके बाद बच्ची अपनी पहचान बताते हुए कहती है कि उसके अब्बू इंडिया के हैं और वह भी इंडिया की है। वह लोगों से अपील करती है कि उसे चाइनीज न कहा जाए। बच्ची कहती है कि जब कोई उसे चाइनीज कहता है तो उसे बहुत गुस्सा आता है और साथ ही बहुत दुख भी होता है।
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'हमको चाइनीज बोलने से बहुत दुख लगता है'
वीडियो में बच्ची की बातों में नाराजगी से ज्यादा दुख नजर आता है। वह कहती है, "प्लीज हमको ऐसे मत बोलो।" वह कई बार लोगों से कहती है कि उसे इंडिया बोलें, चाइनीज नहीं। बच्ची यह भी बताती है कि वह ईटानगर में रहती है। उसकी बातों का सीधा मतलब है कि चेहरे की बनावट के आधार पर किसी की राष्ट्रीयता तय नहीं की जानी चाहिए।
बच्ची कहती है, "हेलो गाइस! हमको एक अंकल मिला। अंकल कैसे बोला? "आप चाइनीज है क्या?" ऐसे बोला। मेरा अब्बू इंडिया है, हम भी इंडिया है। आप... आप लोग ऐसे मत बोलो! हम लोग इंडिया है। आप... आप लोग को चाइनीज बोलने से हम बहुत गुस्सा होता है, बहुत दुखी होता है। प्लीज हमको ऐसे मत बोलो! हम बहुत दुखी होगा तो। हमको इंडिया बोलो, इंडिया! हमको चाइनीज मत बोलो! हम बहुत दुखी लगता है चाइनीज बोलने से। हम... हम इंडिया का है। हम... हम ईटानगर में रहता है। तो आप लोग ऐसे मत बोलो, प्लीज! उम... बाय-बाय! लाइक करो, फॉलो करो, सब्सक्राइब करो!"
अरुणाचल प्रदेश भारत के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित है और यहां रहने वाले लोगों की शक्ल-सूरत भारत के दूसरे हिस्सों के लोगों से अलग दिखाई दे सकती है। आंखों की बनावट, चेहरे और दूसरी शारीरिक विशेषताओं के कारण कई बार पूर्वोत्तर के लोगों को विदेशी समझ लिया जाता है। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले नॉर्थईस्ट के लोगों को 'चाइनीज', 'नेपाली' या दूसरे विदेशी नामों से बुलाए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। किसी व्यक्ति को उसके चेहरे या पहनावे के आधार पर विदेशी मान लेना सिर्फ एक गलत पहचान नहीं है। कई लोगों के लिए यह उनकी भारतीय पहचान पर सवाल जैसा महसूस होता है।
एक बच्ची का सवाल, बड़ी बहस
वीडियो में बच्ची किसी राजनीतिक मुद्दे की बात नहीं करती। वह केवल इतना कहती है कि वह भारत की है और उसे चाइनीज न कहा जाए। उसकी बातों में बार-बार आने वाला "हम इंडिया का है" वाला वाक्य सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। भारत अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, खान-पान और पहनावे वाला देश है। पूर्वोत्तर के राज्यों की अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान है, लेकिन वहां रहने वाले लोग उतने ही भारतीय हैं जितने देश के किसी दूसरे हिस्से में रहने वाले लोग।
इस वीडियो ने इसी बात को एक आसान सवाल के जरिए सामने रखा है। अगर कोई भारतीय दिखने में दूसरे भारतीयों से अलग है, तो उसकी भारतीयता पर सवाल क्यों किया जाए? बच्ची की अपील भी बेहद सीधी है, उसे उसके चेहरे से नहीं, उसकी पहचान से देखा जाए और उसे चाइनीज कहकर न बुलाया जाए।
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