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सानिया मिर्जा ने ठुकराया पाकिस्तान के खिलाफ फिल्म का ऑफर? असली बात जानकर खिसक जाएगी जमीन

August 17, 2026

सानिया मिर्जा ने ठुकराया पाकिस्तान के खिलाफ फिल्म का ऑफर? असली बात जानकर खिसक जाएगी जमीन

Time Published: Monday, August 17, 2026, 15:05 [IST]

Sania Mirza: भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा चर्चा में है। पोस्ट में कहा जा रहा है कि सानिया ने एक कथित एंटी-पाकिस्तान फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया था और इसके बाद हैदराबाद में उनसे जुड़े एक शॉपिंग सेंटर को टैक्स मामले में बंद कर दिया गया। इस दावे को कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में एक घटना का दूसरी से सीधा संबंध बताकर पेश किया जा रहा है।

कुछ पोस्ट्स में ऐसा भी कहा गया कि भारत में बनने वाली एंटी-पाकिस्तानी फिल्म के लिए सानिया को बड़ी रकम ऑफ़र की गई थी लेकिन उन्होंने साफ़ कह दिया कि मैं पाकिस्तान के खिलाफ किसी फिल्म का हिस्सा नहीं बनने वाली हूं, पैसे से कोई फर्क नहीं पड़ता।

Sania Mirza

क्या है सानिया के बारे में दावों की सच्चाई?

जब इस दावे को उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट्स और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर देखा जाता है, तो तस्वीर इतनी सीधी नहीं है। अभी तक ऐसा कोई प्रूफ नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि सानिया को किसी एंटी-पाकिस्तान फिल्म में भूमिका ऑफर हुई थी, उन्होंने उसे ठुकराया और इसके बाद उनके किसी शॉपिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की गई।

सोशल मीडिया पर किए जा रहे तमाम दावे झूठे दिखाई देते हैं। सानिया का नाम लेकर उनके खिलाफ कुछ भी चला देना एक परंपरा रही है। उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है, इस वजह से भी कई लोग उनके नाम का इस्तेमाल करते रहते हैं।

क्या सानिया का कोई शोपिंग सेंटर है?

यह भी कभी सामने नहीं आया कि सानिया मिर्जा का हैदराबाद में कोई शोपिंग सेंटर है। उन्होंने कभी इसका जिक्र नहीं किया और सोशल मीडिया पर भी कोई पोस्ट नहीं करती। वह दुबई में रहती हैं और वहां अपनी टेनिस एकेडमी चलाती हैं। उनका बेटा भी वहां पढाई करता है। ऐसे में सभी फैक्ट्स को ध्यान से कनेक्ट करते हैं, तो हर दावा झूठा है।

टैक्स का क्या मामला हुआ था?

सानिया मिर्जा से जुड़ा 2017 का टैक्स विवाद जरूर हुआ था। सर्विस टैक्स विभाग ने उन्हें तेलंगाना सरकार से मिली 1 करोड़ की राशि को लेकर समन भेजा था। विभाग का कहना था कि इस रकम पर सर्विस टैक्स देय था। सानिया की ओर से इसका जवाब दिया गया था कि यह रकम ब्रांड एंबेसडर की फीस नहीं, बल्कि ट्रेनिंग इंसेंटिव थी और टैक्स चोरी का सवाल नहीं है।