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'तुम कैमरे के आगे खड़े रहना, मैं नोट उड़ाऊंगा'; ऐसे बनती थी राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी की प्लानिंग
- Reported by: विनोद मिश्राEdited by: मोनू झा
- Updated Jul 12, 2026, 04:35 PM IST
Ram Mandir Donation Row: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी किसी आम चोर की तरह नहीं, बल्कि एक संगठित गैंग की तरह पूरी प्लानिंग से चंदे की चोरी को अंजाम देते थे।
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सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल (फाइल फोटो)
Photo :
PTI
Ram Mandir Donation Row: अयोध्या में प्रभु श्री राम के मंदिर में आने वाले चढ़ावे और चंदे की चोरी के मामले में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। एसआईटी की जांच और आरोपियों से हुई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं थी, बल्कि इसे बेहद शातिर और संगठित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड और उसके साथी किसी प्रोफेशनल गैंग की तरह काम करते थे।
सूत्रों की मानें तो गैंग के सभी सदस्यों की भूमिका ड्यूटी शुरू होने से पहले ही तय हो जाती थी। सुबह-सुबह फोन पर ही पूरी प्लानिंग कर ली जाती थी कि उस दिन कैमरे के फोकस को कैसे चकमा देना है। इस खेल में 'नोट कौन उड़ाएगा' और 'कैमरे के ठीक सामने कौन खड़ा होगा', यह सब पहले से फिक्स था।
बरामद की गई सीसीटीवी फुटेज ने आरोपियों के इस कबूलनामे पर पक्की मुहर लगा दी है। फुटेज में देखा गया है कि अविनाश और मनीष नाम के आरोपी अक्सर नोटों को सीधा करने के बहाने उन्हें अपने कपड़ों में छिपा लेते थे। वहीं उनके दूसरे साथी जैसे अनुकल्प, करुणेश और लवकुश कैमरे के ठीक सामने खड़े हो जाते थे, ताकि यह पूरी काली करतूत रिकॉर्ड न हो सके।
70 बार कैमरे में पकड़ी गई चोरी
एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी एक-दो बार नहीं बल्कि करीब 70 बार सीसीटीवी कैमरों में चोरी करते हुए पकड़े गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा बार अविनाश और मनीष का चेहरा सामने आया है। चोरी की इस रकम का हिस्सा वैसे तो सबमें बराबर बंटता था, लेकिन कभी-कभी अविनाश सबसे बड़ा हिस्सा अपने पास रख लेता था।
कंट्रोल रूम पर भी था कब्जा?
इस मामले में पुलिस को एक और बड़ा शक है। दरअसल, मंदिर परिसर की कुछ पुरानी फुटेज डिलीट पाई गई हैं, जिससे अंदेशा है कि आरोपियों की पहुंच सीसीटीवी कंट्रोल रूम तक भी थी। इसके अलावा, चोरी के वक्त कई बार सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव की मौजूदगी भी देखी गई है। अब पुलिस इन दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि यह साफ हो सके कि इस संगठित अपराध में उनकी भूमिका क्या थी।
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विनोद मिश्रा author
दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन ... और देखें
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