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‘कहीं दोबारा आंदोलन न करना पड़े’, बाबा रामदेव ने शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल

August 15, 2026

Baba Ramdev: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए योगगुरु रामदेव ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई मुद्दे गंभीर चिंता का विषय हैं। 

रामदेव ने यह भी कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो लोगों को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आंदोलन के नाम पर अराजकता का समर्थन नहीं करते हैं।

रामदेव ने कहा कि देश के कई छोटे स्कूलों से बच्चे यह शिकायत करते हुए निकल रहे हैं कि उनके स्कूलों में शिक्षक, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की विसंगतियों का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं किताबें हैं तो शिक्षक नहीं हैं और कहीं शिक्षक हैं तो किताबों की कमी है।

उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता बनी हुई है। रामदेव ने कहा कि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है, क्योंकि उच्च शिक्षा में दाखिले के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए रामदेव ने आरोप लगाया कि इंटरव्यू के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं होती हैं। उन्होंने दावा किया कि कई बार योग्यता के बजाय व्यक्तिगत पहचान, विचारधारा, सामाजिक समूह या अन्य प्रभावों के आधार पर उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की शिकायतें सामने आती हैं।

रामदेव ने कहा कि एक तरफ देश में ‘सत्यमेव जयते’ की बात की जाती है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। उन्होंने कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की। रामदेव ने कहा कि अगर शिक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो देश में आंदोलन और तेज हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में समय रहते सुधार किया जाना चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि वह आंदोलन के नाम पर अराजकता का समर्थन नहीं करते, लेकिन देश में कथित घपलेबाजी और अनियमितताओं को लेकर चिंता जरूर है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि उन्हें भी दोबारा आंदोलन करना पड़े। कार्यक्रम में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े आंदोलन का भी उल्लेख किया गया।