शिमला, 13 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश में बृहस्पतिवार को मौसम ज्यादातर शुष्क रहा, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 14, 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, प्रदेश में 136 सड़कें अब भी बंद हैं। मंडी जिले में सबसे अधिक 48 सड़कें बंद हैं, जबकि कुल्लू में 37, शिमला में 26, चंबा में सात, सिरमौर में छह, कांगड़ा में पांच, ऊना में चार, लाहौल-स्पीति में दो और किन्नौर में एक सड़क बंद है।
राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बुधवार शाम से पिछले 24 घंटे में धर्मशाला में सबसे अधिक 52 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रोहड़ू में 22 मिमी., खदराला में 17 मिमी. और कसौली में 12 मिमी बारिश हुई।
प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
कुकुमसेरी राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ऊना में दिन का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक था।
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 14, 17 और 18 अगस्त को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
एसईओसी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश से राज्य की 242 पेयजल योजनाएं और नौ बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
इस बीच आदिवासी किन्नौर जिले के रूपी कांडे इलाके में बुधवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 200 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई।
जानवरों का झुंड चारागाह में था, तभी बिजली गिरी। चरवाहे कुछ दूरी पर सो रहे थे, जिससे उनकी जान बच गई। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण, गुमान सिंह नाम के एक चरवाहे को इस घटना की जानकारी देने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
भावानगर की अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम) नेहा नेगी ने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए एक दल को मौके पर भेजा गया है। दल के लौटने के बाद नुकसान के सही आंकड़े सामने आएंगे और नियमों के अनुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, 30 जून को मानसून आने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 77 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 14 लोगों की मौत भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई है।
उन्होंने बताया कि राज्य को 955 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश