technology

मेडिकल साइंस में पहली बार दो रोबोट्स ने ऑपरेशन किया: सूअरों के पेट से गॉलब्लेडर बाहर निकाला, सर्जरी में इंसान की मदद नहीं ली गई

July 11, 2026

मेडिकल साइंस में पहली बार दो रोबोट्स ने ऑपरेशन किया:सूअरों के पेट से गॉलब्लेडर बाहर निकाला, सर्जरी में इंसान की मदद नहीं ली गई

नई दिल्ली1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

मेडिकल साइंस में पहली बार दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने सूअरों का सफल ऑपरेशन किया है। 'सर्जी' निकनेम वाले इन रोबोट्स ने सूअरों के पेट से गॉलब्लेडर को सुरक्षित बाहर निकाला। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों और इंजीनियर्स का यह प्रयोग मेडिकल दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

सबसे खास बात यह है कि इसके लिए कोई स्पेशल रोबोट नहीं बनाया गया था। डॉक्टरों ने बाजार में मिलने वाले दो आम रोबोट्स का इस्तेमाल किया। इन रोबोट्स की लंबाई करीब 4 से 5 फीट है और इनकी कीमत 20,000 डॉलर यानी करीब ₹19 लाख से भी कम है।

दो रोबोट्स ने अकेले पूरी की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी

रोबोट्स ने लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी विधि से यानी सूअरों के पेट में बिना बड़ा चीरा लगाए गालब्लेडर निकालने का बेहद मुश्किल ऑपरेशन किया। रोबोट्स ने इंसानी डॉक्टरों की तरह बहुत ही सावधानी से अंदर के टिश्यूज हटाए, उसकी जांच की, नसों को क्लिप से बंद किया और लिवर से गालब्लैडर को नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित बाहर निकाल दिया।

दो तरीके से ऑपरेशन किया

  • पहली सर्जरी में ह्यूमनॉइड रोबोट लीड रोल में था और एक मानव सर्जन उसकी मदद की।
  • दूसरी सर्जरी में इंसान की मदद नहीं ली गई, दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने मिलकर पूरी सर्जरी की।

एडवांस्ड सॉफ्टवेयर और खास टूल से मदद मिली

ह्यूमनॉइड रोबोट्स को इस सर्जरी के काबिल बनाने के लिए रिसर्च टीम ने खास फिजिकल एडॉप्टर तैयार किए, ताकि रोबोट्स सर्जिकल टूल्स को मजबूती और सटीकता से पकड़ सकें।

इसके साथ ही एक खास सॉफ्टवेयर भी डेवलप किया गया। यह सॉफ्टवेयर इंसानी हाथों के इशारों और मूवमेंट को आसानी से ट्रांसलेट करके रोबोट की कलाई से जुड़े सर्जिकल टूल्स को कंट्रोल करता है।

टेस्टिंग का मकसद डॉक्टरों की अनुपस्थिति में इलाज करना

इस सफल सर्जरी की पूरी डिटेल 8 जुलाई को साइंस जर्नल 'नेचर' में पब्लिश की गई है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहा है।

इस टेस्टिंग से भविष्य में दूरदराज के इलाकों या डॉक्टरों की अनुपस्थिति में भी मरीजों को तुरंत बेहतर इलाज और सर्जरी की सुविधा दी जा सकती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो के 'सेंटर फॉर द फ्यूचर ऑफ सर्जरी' के अंतरिम निदेशक डॉ. रयान ब्रोडेरिक ने बताया कि एक 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' के रूप में यह एक्सपेरिमेंट पूरी तरह से सफल रहा है।

नॉलेज पार्ट:

गालब्लैडर रिमूवल: इस तरीके से लिवर के नीचे मौजूद गालब्लैडर को टिश्यूज से अलग करके, क्लिप लगाकर शरीर से सुरक्षित बाहर निकाला जाता है।

.

खबरें और भी हैं...

  • बच्चों की ऑनलाइन सेफ्टी में सेंध: रिसर्च के मुताबिक- यूट्यूब-इंस्टाग्राम के प्राइवेसी फीचर टेस्ट में फेल, आपत्तिजनक कंटेंट से बचाने वाले फीचर नाकाम

    रिसर्च के मुताबिक- यूट्यूब-इंस्टाग्राम के प्राइवेसी फीचर टेस्ट में फेल, आपत्तिजनक कंटेंट से बचाने वाले फीचर नाकाम|टेक - ऑटो,Tech - Auto - Dainik Bhaskar
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • गूगल एआई: आपका डेटा इस्तेमाल कर रहा गूगल; प्राइवेसी सुरक्षित रखने तुरंत बदलें ये 5 सेटिंग्स

    आपका डेटा इस्तेमाल कर रहा गूगल; प्राइवेसी सुरक्षित रखने तुरंत बदलें ये 5 सेटिंग्स|टेक - ऑटो,Tech - Auto - Dainik Bhaskar
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • एआई दिग्गजों के शौक: जुकरबर्ग गायों को महंगे ड्राई-फ्रूट्स खिलाते हैं, मस्क के पास जेम्स बॉन्ड फिल्म की सबमरीन कार

    जुकरबर्ग गायों को महंगे ड्राई-फ्रूट्स खिलाते हैं, मस्क के पास जेम्स बॉन्ड फिल्म की सबमरीन कार|टेक - ऑटो,Tech - Auto - Dainik Bhaskar
    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • X पर 3 साल बाद लौटे मार्क जुकरबर्ग: मेटा ने लॉन्च किया 'म्यूज स्पार्क 1.1' AI मॉडल, OpenAI और एंथ्रोपिक से मुकाबला

    मेटा ने लॉन्च किया 'म्यूज स्पार्क 1.1' AI मॉडल, OpenAI और एंथ्रोपिक से मुकाबला|बिजनेस,Business - Dainik Bhaskar
    • कॉपी लिंक

    शेयर