चित्रगुप्त पीठ पर सैकड़ों संतों ने किया महायज्ञ, मथुरा में कारसेवा के बीच पहुंची गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
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सार
Shri Krishna Janmabhoomi: मथुरा चित्रगुप्त पीठ पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण को लेकर महायज्ञ हुआ जिसमें सैकड़ों साधु-संतों ने आहुति दी। कारसेवा के बीच गुलाबी पत्थरों की पहली खेप भी पहुंची।

चित्रगुप्त पीठ पर महायज्ञ (सोर्स- फोटो नवभारत)
विस्तार
Mathura Shri Krishna Janmabhoomi: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण और कारसेवा को लेकर मथुरा में रविवार को धार्मिक गतिविधियां तेज हो गईं। छटीकरा-राल रोड स्थित चित्रगुप्त पीठ पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार साधु-संतों का जुटना शुरू हुआ। पीठ परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महायज्ञ का शुभारंभ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पहुंचे साधु-संतों ने हवन कुंड में आहुति दी। कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से चित्रगुप्त पीठ तथा आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सच्चिदानंद जी महाराज के नेतृत्व में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में साधु-संतों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। महायज्ञ में आहुति देते हुए संतों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर निर्माण के संकल्प को दोहराया। सुबह से ही पीठ परिसर में संतों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, परिसर में धार्मिक गतिविधियां भी तेज होती गईं।
महायज्ञ में सैकड़ों साधु-संतों ने दी आहुति
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार महायज्ञ की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ हुई। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे साधु-संतों ने हवन कुंड में आहुति दी। मंत्रोच्चार और धार्मिक जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
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आयोजकों के अनुसार, महायज्ञ का उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाना और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से अपनी मांग को लेकर जनजागरण करना है। संतों ने कहा कि कारसेवा कार्यक्रम को धार्मिक स्वरूप में आगे बढ़ाया जा रहा है और इसके तहत पूजा-अर्चना, हवन-यज्ञ तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
चित्रगुप्त पीठ पर पिछले कई दिनों से इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां चल रही थीं। परिसर में अखंड हरिनाम संकीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजन किए जा रहे थे। अब निर्धारित कार्यक्रम के तहत महायज्ञ और कारसेवा से जुड़ी गतिविधियों की शुरुआत की गई है।
गुलाबी पत्थरों की पहली खेप पहुंचने से बढ़ा उत्साह
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर निर्माण को लेकर कारसेवा कार्यक्रम के बीच चित्रगुप्त पीठ पर गुलाबी पत्थरों की पहली खेप भी पहुंच चुकी है। आयोजकों के अनुसार, ये पत्थर मंदिर निर्माण के लिए प्रस्तावित कारसेवा के तहत लाए गए हैं।
पत्थरों को पीठ परिसर में सुरक्षित रखा गया है। आने वाले दिनों में इन पत्थरों को तराशने के लिए विशेषज्ञ कारीगरों को बुलाए जाने की तैयारी है। आयोजकों का कहना है कि विशेषज्ञ कारीगर पत्थरों की आवश्यक नक्काशी और तराशी का कार्य करेंगे।
गुलाबी पत्थरों की खेप पहुंचने के बाद साधु-संतों और श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला। इसे मंदिर निर्माण से जुड़ी कारसेवा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में बताया जा रहा है। हालांकि, श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह से जुड़ा विवाद न्यायिक प्रक्रिया में है, ऐसे में प्रशासन की ओर से पूरे कार्यक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस सुरक्षा के बीच धार्मिक कार्यक्रम
कारसेवा के आह्वान को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने चित्रगुप्त पीठ के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पीठ परिसर और आसपास के प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी भी प्रकार की स्थिति से कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि कारसेवा को लेकर संतों में उत्साह
चित्रगुप्त पीठ पर जुटे साधु-संतों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर निर्माण के संकल्प को दोहराया। संतों का कहना है कि वह धार्मिक और शांतिपूर्ण तरीके से मंदिर निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए कारसेवा कर रहे हैं।
पीठाधीश्वर डॉ. सच्चिदानंद जी महाराज के नेतृत्व में संतों ने हवन-यज्ञ में हिस्सा लिया। संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति दी और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भी धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
आयोजकों की ओर से कहा गया कि कारसेवा से जुड़े कार्यक्रमों के लिए लंबे समय से तैयारियां की जा रही थीं। चित्रगुप्त पीठ को धार्मिक आयोजन के लिए तैयार किया गया था और संतों के रहने तथा कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाएं पहले से की गई थीं।
प्रशासन की निगरानी में आगे बढ़ रहा कार्यक्रम
श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पुलिस अधिकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पीठ के आसपास आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
मथुरा की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को लेकर सतर्क है। अधिकारियों की कोशिश है कि धार्मिक कार्यक्रम के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस बल की मौजूदगी के बीच महायज्ञ और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर मथुरा अलर्ट; शाही ईदगाह में बढ़ाई गई सुरक्षा, आगरा से आए 4 लोग हिरासत में
शाही ईदगाह की ओर भी बढ़ाई गई सुरक्षा
कारसेवा के आह्वान के बीच मथुरा के शाही ईदगाह परिसर और आसपास के क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
इसी क्रम में कारसेवा के लिए आगरा से मथुरा पहुंचे चार लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हिरासत में लिए गए लोगों में अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा ठाकुर सहित चार लोग शामिल बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इन लोगों को शाही ईदगाह की ओर जाने के दौरान रोका गया और बाद में थाना गोविंद नगर ले जाया गया।
इस घटनाक्रम के बाद शाही ईदगाह और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। पुलिस अधिकारियों द्वारा क्षेत्र की निगरानी की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
धार्मिक कार्यक्रमों के बीच बढ़ी मथुरा में हलचल
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण को लेकर चित्रगुप्त पीठ पर आयोजित महायज्ञ और कारसेवा के कार्यक्रम ने मथुरा में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। एक ओर चित्रगुप्त पीठ पर सैकड़ों साधु-संत धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर आहुति दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह अलर्ट है।
गुलाबी पत्थरों की पहली खेप के पहुंचने और उन्हें तराशने के लिए विशेषज्ञ कारीगरों को बुलाए जाने की तैयारी ने कार्यक्रम को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है। संतों और आयोजकों की ओर से इसे मंदिर निर्माण के संकल्प से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल चित्रगुप्त पीठ पर धार्मिक कार्यक्रम पुलिस सुरक्षा के बीच जारी है। महायज्ञ में संतों और श्रद्धालुओं की भागीदारी बनी हुई है। प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विवाद के न्यायिक पहलू के बीच संतों द्वारा धार्मिक आयोजन और कारसेवा का यह कार्यक्रम मथुरा में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। वहीं साधु-संतों ने अपने धार्मिक संकल्प को दोहराते हुए महायज्ञ और कारसेवा के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर निर्माण की मांग को आगे बढ़ाने की बात कही है।
