उज्जैन में शिप्रा आरती को लेकर घमासान: पंडा समिति का विरोध, रामघाट पर एक घंटे किया जल सत्याग्रह
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सार
Mahakal Temple Committee : उज्जैन के रामघाट पर महाकाल मंदिर समिति की भव्य शिप्रा आरती को लेकर पंडा समिति के एक गुट ने विरोध किया। राजेश त्रिवेदी ने एक घंटे जल सत्याग्रह किया।

उज्जैन में शिप्रा आरती को लेकर जल सत्याग्रह (फोटो सोर्स- नवभारत)
विस्तार
Ujjain Shipra Aarti Controversy: महाकाल की नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी की भव्य आरती को लेकर महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और तीर्थ पुरोहितों के एक गुट के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। महाकाल मंदिर समिति द्वारा सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए रामघाट पर हरिद्वार की तर्ज पर भव्य शिप्रा आरती की नई व्यवस्था शुरू की गई है। इसका पंडा समिति के एक गुट की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है। पंडा समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी के नेतृत्व में समर्थकों ने विरोध स्वरूप रामघाट पर करीब एक घंटे तक जल सत्याग्रह किया।
पंडा समिति के एक गुट का कहना है कि रामघाट पर आरती की नई व्यवस्था को लेकर उनकी आपत्तियां हैं। राजेश त्रिवेदी के नेतृत्व में पिछले तीन दिनों से इसका विरोध किया जा रहा है। शनिवार शाम को जब महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के बटुक निर्धारित स्थान पर शिप्रा आरती करने पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
समिति और अधिकारियों के बीच हुई थी बहस
इसके पहले भी विरोध प्रदर्शन के दौरान पंडा समिति से जुड़े लोगों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस और झड़प की स्थिति बनी थी। कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच महाकाल मंदिर समिति के बटुकों ने शिप्रा आरती संपन्न कराई।
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पुलिस कार्रवाई के बाद जल सत्याग्रह
विरोध के क्रम में राजेश त्रिवेदी ने शनिवार को रामघाट पर राणोजी के सामने स्थित घाट पर शिप्रा नदी के पानी में खड़े होकर करीब एक घंटे तक जल सत्याग्रह किया। इस दौरान पंडा समिति से जुड़े लोगों ने आरती की नई व्यवस्था का विरोध जताया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। जल सत्याग्रह के दौरान मौके पर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी रही। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि विवाद किसी बड़े टकराव में न बदले।
सिंहस्थ को देखते हुए नई व्यवस्था
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और जिला प्रशासन का कहना है कि रामघाट पर शुरू की गई नई आरती व्यवस्था का उद्देश्य उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भव्य धार्मिक अनुभव उपलब्ध कराना है। आगामी सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए रामघाट पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। एसडीएम पवन बारिया के मुताबिक, नई व्यवस्था धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर अनुभव तैयार करने की दृष्टि से की गई है। प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत शिप्रा आरती का आयोजन जारी रहेगा।
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आरती को लेकर सियासत भी गरमाई
शिप्रा आरती को लेकर शुरू हुआ विवाद अब धार्मिक व्यवस्था के साथ स्थानीय राजनीति से भी जुड़ता नजर आ रहा है। पंडा समिति के विरोध और प्रशासन के रुख के बीच उज्जैन में सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। फिलहाल प्रशासन रामघाट की स्थिति पर नजर रखे हुए है और पुलिस बल भी तैनात है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
