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पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू, कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर संशोधन विधेयक हो सकता है पेश

August 3, 2026

पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू, कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर संशोधन विधेयक हो सकता है पेश

August 3, 2026

पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू, कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर संशोधन विधेयक हो सकता है पेश

Punjab Monsoon Session: पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 10 अगस्त तक चलेगा। यह मौजूदा पंजाब सरकार के कार्यकाल का अंतिम मानसून सत्र माना जा रहा है। नियमित सत्र होने के कारण विधायकों को सरकार से सवाल पूछने, जवाब मांगने और अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दे सदन में उठाने का अवसर मिलेगा।

पहले दिन श्रद्धांजलि के बाद होगी सदन की कार्यवाही

विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। सत्र की शुरुआत दिवंगत नेताओं और अन्य सम्मानित हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी। इसके बाद प्रश्नकाल और शून्यकाल आयोजित किया जाएगा। सरकार पहले ही दिन पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 सदन में पेश कर सकती है।

विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में

इस बार का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी समेत विपक्षी दल कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या, किसानों के मुद्दे, पेपर लीक, बढ़ते सरकारी कर्ज और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में हैं।

कांग्रेस ने बनाई सत्र की रणनीति

सत्र से पहले कांग्रेस विधायक चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी ने सदन में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों और सरकार को घेरने की रणनीति को अंतिम रूप दिया। पार्टी का फोकस जनहित से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाने पर रहेगा।

बेअदबी कानून में संशोधन की संभावना कम

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े कानून में इस सत्र के दौरान संशोधन की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। हाल ही में अकाल तख्त ने धार्मिक और कानूनी विशेषज्ञों की एक समिति गठित की है, जो इस विषय पर पंजाब सरकार के साथ चर्चा कर सहमति बनाने का प्रयास करेगी। ऐसे में सरकार इस मुद्दे पर फिलहाल कोई जल्दबाजी में फैसला लेने के मूड में नजर नहीं आ रही है।

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कई अहम मुद्दों पर रहेगी सबकी नजर

मानसून सत्र के दौरान सरकार की नीतियों, विपक्ष के हमलों और विभिन्न विधेयकों पर होने वाली चर्चा पर सभी की निगाहें रहेंगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र आने वाले समय की राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।