Bilaspur Pendra Road Bridge Collapse: छत्तीसगढ़ में बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा रोड पर बना बांसाझाल पुल अचानक 2 हिस्सों में टूट गया। इस दौरान पुल से गुजर रही एक यात्री बस फंस गई। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। घटना रविवार, 2 अगस्त शाम की बताई जा रही है।
पुल धसंने के बाद इस रूट से ट्रैफिक पूरी तरह बंद हो गया है। जिससे कई शहरों को संपर्क टूट गया है।
पुल जर्जर था, लगातार बारिश से हादसा
जानकारी के अनुसार, बांसाझाल में स्थित यह पुल 35 साल पुराना है। यह बिलासपुर-जबलपुर निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 पर बना हुआ है। पुल पहले से ही जर्जर था और लगातार बारिश के बाद यह घटना हुई। बस का अगला हिस्सा टूटे हुए स्लैब के किनारे फंस गया, जिससे बस नदी में गिरने से बच गई।
पुल के टूटने से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक के साथ-साथ मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल और छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ का सड़क से सीधा संपर्क टूट गया है। बिलासपुर-रतनपुर हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। प्रशासन ने कई रूटों को डायवर्ट कर दिया है।
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डायवर्जन रूट
बिलासपुर → कोटा → बेलगहना → कोंचरा → खोंगसरा → मरही माता → गोरखेड़ा तिराहा
गोरखेड़ा तिराहा से दो मार्ग
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
अमरकंटक रूट
केवची → आमाडोब → कबीर चबूतरा → अमरकंटक
इन क्षेत्रों से टूटा सड़क संपर्क
बांसाझाल पुल टूटने से पेंड्रा-गौरेला-मरवाही और अमरकंटक से
सड़क मार्ग का सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है। साथ ही मनेंद्रगढ़ जाना भी बाधित हो गया है। इसके अलावा एमपी के जबलपुर और शहडोल से भी सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतार
हादसे के बाद बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर ट्रैफिक पूरी तरह बंद हो गया। पुल टूटने से सड़क के दोनों ओर यात्री बसों, निजी वाहनों और मालवाहक ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। पुलिस ने तत्काल ट्रैफिक रोककर लोगों को पुल के पास जाने के लिए मना कर दिया है।
एमपी से सड़क संपर्क टूटा
बांसाझाल पुल टूटने का असर पूरे क्षेत्र की आवाजाही पर पड़ा है। इस मार्ग से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक के अलावा मध्यप्रदेश के जबलपुर और शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है। यह मार्ग उत्तर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों में शामिल है, इसलिए यातायात पूरी तरह ठप होने से यात्रियों और परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है।
डायवर्जन की व्यवस्था शुरू
घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ वैकल्पिक मार्गों से ट्रैफिक बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की गई है कि अगली सूचना तक बिलासपुर-पेंड्रा मार्ग का उपयोग न करें और प्रशासन द्वारा निर्धारित डायवर्जन मार्गों का ही इस्तेमाल करें।
जर्जर पुल पर फिर उठे सवाल
बांसाझाल पुल के अचानक ढहने से रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल काफी समय से जर्जर स्थिति में था और इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग लगातार की जा रही थी। अब हादसे के बाद पुल के ध्वस्त होने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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