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जंतर-मंतर में मचानी थी तबाही? पुलिस वर्दी में हमले का प्लान, गर्लफ्रेंड के इंस्टाग्राम ने खोला कच्चा चिट्ठा!

August 2, 2026

जंतर-मंतर में मचानी थी तबाही? पुलिस वर्दी में हमले का प्लान, गर्लफ्रेंड के इंस्टाग्राम ने खोला कच्चा चिट्ठा!

Time Published: Sunday, August 2, 2026, 18:34 [IST]

पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार एक संदिग्ध आतंकी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का दावा है कि आरोपी का लिंक पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा था। जांच एजेंसी के मुताबिक उसे दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए छात्र प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर घुसने और वहां अशांति फैलाने का काम सौंपा गया था।

इतना ही नहीं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी कथित तौर पर उसके निशाने पर थे। इस पूरे मामले में आरोपी की गर्लफ्रेंड का सोशल मीडिया अकाउंट जांच एजेंसियों के लिए सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आया।

Jantar Mantar terror plot

STF ने क्या-क्या दावा किया?

STF ने दो दिन पहले पूर्व बर्धमान जिले से हामिम मंडल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद STF के आईजी गौरव शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने हामिम को पुलिस की वर्दी पहनकर जंतर-मंतर के छात्र प्रदर्शन में घुसने और वहां माहौल बिगाड़ने के निर्देश दिए थे।

आईजी गौरव शर्मा ने कहा, "जांच में सामने आया है कि विदेशी हैंडलर्स ने आरोपी को जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिसकर्मी के वेश में पहुंचकर अशांति फैलाने का निर्देश दिया था। इसी एंगल पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।"

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी थे कथित निशाने पर

STF का दावा है कि हामिम मंडल को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखने का भी काम दिया गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, उससे उन जगहों की जानकारी जुटाने को कहा गया था, जहां मुख्यमंत्री की सुरक्षा अपेक्षाकृत कम हो सकती थी।

पूछताछ के दौरान STF को पश्चिम बंगाल में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कई कथित संपर्कों के सुराग भी मिले हैं। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की STF हिरासत में भेज दिया है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

गर्लफ्रेंड कैसे बनी जांच की सबसे अहम कड़ी?

जांच के दौरान STF ने आरोपी की गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को भी झारखंड से गिरफ्तार किया। एजेंसी का कहना है कि दोनों पिछले चार साल से रिश्ते में थे और उनकी पहली मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी।

जांच की शुरुआत हनीट्रैप केस से हुई थी, लेकिन अर्पिता के सोशल मीडिया अकाउंट और चैट्स ने पुलिस को सीधे हामिम मंडल तक पहुंचा दिया। वे पाकिस्तानी शहजाद भट्टी गैंग के इशारे पर राज्य के मंत्री उमेश राय के बेटे को हनीट्रैप में फंसाकर उसके अपहरण और जबरन वसूली की साजिश रच रहे थे।

अर्पिता कई बड़े राजनेताओं और हस्तियों को अपनी बातों में फंसाकर खुफिया जानकारियां जुटाती थी और हमीम को भेजती थी। अर्पिता के व्हाट्सएप चैट्स से पाकिस्तान के तार जुड़ने के सीधे सबूत मिले हैं। एसटीएफ ने इनके पास से यूके और मैक्सिको के कई इंटरनेशनल सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तानी आकाओं से बातचीत में होता था।

सोशल मीडिया से रेडिकलाइजेशन और भट्टी गैंग का कनेक्शन

जांच में सामने आया कि हमीम सोशल मीडिया के जरिए ही कट्टरपंथी बना और फिर पाकिस्तानी एजेंसियों के जाल में फंस गया। 'राणा', 'उज़ैर', 'आबिद जट्ट 333' और 'हमद' नाम के हैंडलर्स उसे दिशा-निर्देश दे रहे थे।

यह पूरा गिरोह शहजाद भट्टी गैंग का हिस्सा है, जो भारत में युवाओं को भड़काने, आतंकी भर्ती करने और नारको-टेरर गतिविधियों को चलाने का काम करता है। पुलिस अब इस मॉड्यूल से जुड़े बाकी चेहरों को बेनकाब करने में जुटी है।

जांच अभी बाकी, कई सवालों के जवाब आने बाकी

अब तक की जांच में एसटीएफ ने कई गंभीर दावे किए हैं लेकिन एजेंसी का कहना है कि यह जांच शुरुआती चरण में है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का काम जारी है। अदालत ने हमीम मंडल को 14 दिन की एसटीएफ हिरासत में भेज दिया है।

एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस मॉड्यूल से और कौन-कौन जुड़े थे, किन राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला था और सीमा पार बैठे संचालकों से इनका संपर्क कितनी गहराई तक था।

एसटीएफ के मुताबिक, डिजिटल सबूत, सोशल मीडिया चैट, इंटरनेशनल सिम कार्ड और पूछताछ से मिले इनपुट की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अभी सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं।