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युवराज सिंह का अपमान करने वालों के मुंह पर तमाचा, दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

July 29, 2026

युवराज सिंह का अपमान करने वालों के मुंह पर तमाचा, दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जीत गए युवराज (फोटो-पीटीआई)

टीम इंडिया को 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वर्ल्ड कप जिताने वाले पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली हाईकोर्ट युवराज सिंह के खिलाफ पर्सनल राइट्स की रक्षा के लिए दायर केस में उनके खिलाफ उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने का आदेश जारी करेगा. युवराज सिं ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी पर्सनैलिटी के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की. मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस ज्योति सिंह ने नोटिस जारी किया और कहा कि वो युवराज सिंह के खिलाफ उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने का निर्देश देते हुए एक अंतरिम आदेश पास करेंगी. इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी.

युवराज सिंह के नाम का फायदा कौन उठा रहा था?

दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान क्रिकेटर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को उल्लंघन करने वाले लिंक की एक लिस्ट दिखाई और कहा कि उनमें से 2 हटा दिए गए हैं. लिस्ट में उन लोगों के लिंक थे जो पैसे के फायदे के लिए युवराज सिंह की पर्सनैलिटी की खूबियों का इस्तेमाल करके उनकी सहमति के बिना सामान बेच रहे थे. वकील ने कहा कि उल्लंघन करने वाले लिंक में से एक Reddit पर एक पोस्ट के बारे में था, जिसमें कहा गया था कि खिलाड़ी ने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और क्रिकेटर के खिलाफ अपमानजनक कमेंट्स हैं.

Reddit की ओर से पेश वकील ने कहा कि जिस लिंक पर सवाल उठाया गया है, वो 2 साल पुराना है और ये कार्रवाई मानहानि की है, न कि पर्सनैलिटी अधिकारों की सुरक्षा के मुकदमे की. हालांकि, युवराज सिंह के वकील ने कहा कि पोस्ट पर नए कमेंट्स किए जा रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि पोस्ट 2 साल पुरानी है और केस में उसकी कोई ट्रांसक्रिप्ट नहीं दी गई है. अभी उस पोस्ट के बारे में कोई टेकडाउन ( हटाने का ) निर्देश जारी नहीं करेगा और कोर्ट बाद में इस पर विचार करेगा.

कोर्ट ने कहा कि वह नियम तोड़ने वाले कंटेंट को टेकडाउन करने का डायरेक्शन देगा और सबसे पहले अपलोड करने वालों से 48 घंटे के अंदर कंटेंट हटाने के लिए कहेगा. अगर अपलोड करने वाले कंटेंट नहीं हटाते हैं तो कोर्ट युवराज सिंह से संबंधित इंटरमीडियरी से संपर्क करने के लिए कहेगा और उसके बाद इंटरमीडियरी उसे 36 घंटे के अंदर हटा देंगे.

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा?

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अपलोड करने वालों की भी कुछ ज़िम्मेदारी होती है. जस्टिस सिंह ने कहा कि वह उन URL को हटाने का ऑर्डर देने जा रही हैं जो मुकदमे का हिस्सा हैं और फिर युवराज सिंह भविष्य के लिंक के लिए बाद में एप्लीकेशन फाइल कर सकते हैं. अगर कुछ उल्लंघन करने वाला हुआ तो कोर्ट रोक बढ़ा देगी. कोर्ट ने शिकायत को सूट के तौर पर रजिस्टर किया और अंतरिम रोक एप्लीकेशन में नोटिस जारी किया, जिस पर इंटरमीडियरीज़ को अपने जवाब फाइल करने का निर्देश दिया गया है. कम्प्लायंस एफिडेविट 3 हफ़्ते के अंदर फाइल करना होगा.

जीतेन्द्र भाटी

जीतेन्द्र भाटी

करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पॉलिटिक्स, क्राइम, सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग. BAG Films की नर्सरी से IBN7, आज़ाद न्यूज़, प्रज्ञा TV, 4 रियल न्यूज, Focus News और न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया होते हुए देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष में खबरों के बीच सफर जारी.

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