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PoK में फिर शुरू होगा बड़ा आंदोलन, Pak के खिलाफ ‘आर-पार’ की जंग का ऐलान; सड़कों पर उतरेगी एक्शन कमेटी

August 25, 2026

मुजफ्फराबाद (उत्तम हिन्दू न्यूज): पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (PoK) में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाकिस्तानी हुक्मरानों के अत्याचारों से तंग आकर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पूरे इलाके में विरोध प्रदर्शनों के एक नए और बड़े दौर की घोषणा कर दी है। समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि बुनियादी अधिकारों के निरंतर हनन, खस्ताहाल स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ अब यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। रावलकोट में हुई एक अहम बैठक में समिति ने जन लामबंदी और विरोध प्रदर्शनों के नए ब्लूप्रिंट को अंतिम रूप दे दिया है और साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक उनका शांतिपूर्ण राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा।

‘क्रांति के पैगंबर सम्मेलन’ के साथ होगी शुरुआत
इस नए आंदोलन के कार्यक्रम के अनुसार, 26 अगस्त (12 रबी-उल-अव्वल) को पूरे क्षेत्र में ‘क्रांति के पैगंबर सम्मेलन’ का आयोजन कर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इस सम्मेलन में विशेष रूप से धार्मिक विद्वानों से आग्रह किया गया है कि वे पैगंबर मुहम्मद की शिक्षाओं और उनके द्वारा उत्पीड़न, अज्ञानता, अत्याचार और शोषण के खिलाफ किए गए संघर्ष पर खुलकर बोलें और अवाम को जागरूक करें।

29 अगस्त को शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर महाप्रदर्शन
समिति ने बताया है कि 29 अगस्त को पूरे PoK में ‘मेरे लिए स्वास्थ्य और शिक्षा क्यों नहीं?’ के नारे के साथ विशाल प्रदर्शन किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों का मुख्य फोकस स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और चिकित्सा सुविधाओं में मौजूद भारी कमियों को उजागर करना होगा। समिति ने महिलाओं और छात्रों से इन प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की विशेष अपील की है। इसके साथ ही रावलकोट धरने में शामिल होने वालों से विशेष तौर पर वर्दी में आने का अनुरोध किया गया है ताकि सरकार को एक कड़ा संदेश दिया जा सके।

जबरन लापता किए गए लोगों की रिहाई पर अड़ी कमेटी
इस बैठक में गुमशुदगी और अवैध गिरफ्तारी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। समिति ने रावलकोट, इस्लामपुर और अन्य हिस्सों से जबरन लापता किए गए लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की है। इनमें कोटली के सदस्य जिया-उल-मलिक, फैसल मंशा और मोहम्मद बिलावल जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा कोर कमेटी सदस्य शौकत नवाज मीर को गैरकानूनी हिरासत में रखने पर भी कड़ा रोष जताया गया और उन्हें तुरंत अदालत में पेश कर परिवार से मिलने की अनुमति देने की मांग की गई। रावलपिंडी और इस्लामाबाद से गिरफ्तार किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों (जिनमें महिलाएं और छात्र शामिल हैं) को भी रिहा करने का दबाव बनाया गया है।

राशन-दवाइयों की सप्लाई रोकने का आरोप, लंदन तक गूंजेगी आवाज
JAAC ने पाकिस्तानी अधिकारियों पर PoK की अवाम को प्रताड़ित करने के लिए खाद्य सामग्री और दवाइयों की आपूर्ति बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि सामान से लदे वाहनों को रोककर उन्हें खाली कराया जा रहा है और पंजाब पुलिस द्वारा ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली की जा रही है। पाकिस्तानी सेना के इस दमनकारी कदम की कड़ी निंदा की गई है। इसके खिलाफ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आवाज उठाई जाएगी। समिति ने विदेश में रहने वाले कश्मीरियों से अपील की है कि वे 30 अगस्त को लंदन में होने वाले ‘दस लाख के मार्च’ में भारी संख्या में भाग लें और ब्रिटिश सांसदों के सामने अपनी बात रखें। इससे पहले समिति बिजली बिलों और अन्य करों के बहिष्कार का भी आह्वान कर चुकी है।

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