Aug 25, 2026 04:19 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस प्रदर्शन का समर्थन करते हुए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों की मानसिक स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने IIT दिल्ली के सिस्टम पर सवाल उठाए
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली (IIT Delhi) में एक 31 साल के MSc फिजिक्स के छात्र की 6ठी मंजिल से कूदकर जान देने की दुखद घटना के बाद परिसर में तनाव फैल गया है। इस घटना के विरोध में छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी सवाल उठ रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस प्रदर्शन का समर्थन करते हुए देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों की मानसिक स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कॉकरोच पार्टी ने IIT पर क्या आरोप लगाए?
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस घटना पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले तीन सालों में केवल आईआईटी दिल्ली में 8 छात्रों ने आत्महत्या की है, जबकि पिछले 5 सालों में सभी IITs को मिलाकर यह आंकड़ा 65 तक पहुंच गया है।
CJP प्रवक्ता ने कहा कि मृतक छात्र अपने पिता के निधन के बाद मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान उसे हॉस्टल अलॉटमेंट और सही काउंसलिंग जैसी बुनियादी सहायता प्रदान करने में विफल रहा।
पार्टी ने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत तनाव का मामला नहीं है, बल्कि आईआईटी के पूरे सिस्टम में एक साफ "ढांचागत समस्या" को दर्शाता है।
क्या है छात्रों की मुख्य मांग?
घटना के विरोध में सोमवार सुबह 9 बजे से ही छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके कारण दोपहर की सभी कक्षाएं निलंबित करनी पड़ीं। प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में "IIT-D: Dreams or Death" की तख्तियां लिए परिसर में डटे रहे।
छात्रों की ओर से पेश किए गए पत्र में यह मांगें शामिल हैं:
इस्तीफे की मांग: स्टूडेंट्स वेलफेयर ऑफिस (DOSW/ADHM) के डीन, एसोसिएट डीन और फिजिक्स विभाग के अध्यक्ष के तत्काल इस्तीफे की मांग की गई है।
स्वतंत्र जांच: संस्थान की प्रशासनिक लापरवाही और हॉस्टल न मिलने व अकादमिक प्रोजेक्ट्स से जुड़े मुद्दों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग।
मुआवजा: पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की अपील की गई है।
मेंटल हेल्थ प्रोटोकॉल: संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग से जुड़े दिशानिर्देशों को सार्वजनिक और पारदर्शी बनाने की मांग की गई है।
संस्थान परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है।