Pneucons Stop Digital Payments: यूपीआई पेमेंट को लेकर कारोबारियों की चिंता अब सामने आने लगी है। औद्योगिक सामान के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Pneucons ने घोषणा (Pneucons Stop Digital Payments) की है कि वह 10 अक्टूबर 2026 से अपने प्लेटफॉर्म पर UPI पेमेंट स्वीकार नहीं करेगा। कंपनी के मुताबिक नए MDR चार्ज के कारण उसके कम मार्जिन वाले कारोबार पर बड़ा असर पड़ेगा। यह फैसलवा ऐसे समय में आया हैं, जब 15 अक्टूबर से कुछ बड़े मर्चेंट UPI लेनदेन पर नया शुल्क लागू होने वाला है।
2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर MDR
नए नियम के अनुसार, 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR नहीं लगेगा। वहीं, 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा P2M यानी ग्राहक से व्यापारी को किए गए UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि मर्चेंट से लिया जाना है। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है। P2P पेमेंट यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।
Pneucons को क्यों हुई परेशानी?
Pneucons के को-फाउंडर प्रितेश लखानी के अनुसार, कंपनी को किसी ऑर्डर पर टैक्स से पहले करीब 0.5 प्रतिशत कमीशन मिलता है। ऐसे में MDR की दर उसके मुनाफे के काफी करीब पहुंच जाती है। उदाहरण के लिए, 10,000 रुपये के सामान पर कंपनी का कमीशन करीब 50 रुपये होगा। GST जोड़ने के बाद ग्राहक का भुगतान 11,800 रुपये होता है। इस पूरी रकम पर 0.4 प्रतिशत MDR करीब 47.20 रुपये बैठेगा। यानी कंपनी के करीब 50 रुपये के कमीशन का बड़ा (Pneucons Stop Digital Payments) हिस्सा शुल्क में चला जाएगा।
GST से बढ़ सकता है खर्च
कंपनी ने यह भी चिंता जताई है कि MDR की गणना GST समेत ग्राहक द्वारा भुगतान की गई कुल रकम पर होती है, जबकि कंपनी का कमीशन मूल कीमत पर मिलता है। इसके अलावा MDR पर GST भी देना पड़ता है। उदाहरण में 47.20 रुपये के MDR पर 18 प्रतिशत GST करीब 8.50 रुपये होगा। हालांकि, इसे बाद में इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए क्लेम किया जा सकता है, लेकिन शुरुआत में भुगतान करने से कंपनी की कार्यशील पूंजी पर दबाव पड़ सकता है।
ग्राहक पर नहीं पड़ेगा सीधा बोझ
MDR का भुगतान ग्राहक को नहीं करना है। यानी 10,000 रुपये का UPI पेमेंट करने वाले ग्राहक से अलग से 0.4 प्रतिशत शुल्क नहीं लिया जा सकता। फिलहाल Pneucons का फैसला (Pneucons Stop Digital Payments) अकेला मामला है और दूसरी कंपनियों के UPI बंद करने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कम मार्जिन वाले कारोबारियों के बीच नए MDR को लेकर चिंता बढ़ गई है और कुछ कारोबारी संगठन सरकार से नियमों में राहत की मांग कर रहे हैं।
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