PM Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि भारत ने दुनिया को सस्ती दवाओं से लेकर प्रतिभाशाली प्रोफेशनल्स तक दिए हैं, लेकिन इसके बदले कभी क्रेडिट या रॉयल्टी (India Economy 2026) की मांग नहीं की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रही है। भारत (India Economy 2026) की पहचान केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह दूसरे देशों के लिए अवसर बनाने और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने में भी विश्वास रखता है।
पीएम मोदी (PM Narendra Modi) मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम (PM Narendra Modi) को संबोधित कर रहे थे। पहली बार भारत में आयोजित हो रहे इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन 15 अक्टूबर को होगा। इस साल फोरम की थीम ‘बदलती दुनिया में ताकत के नए स्रोत तय करना’ रखी गई है।
‘रिफॉर्म्स हमारा कन्विक्शन है’
— ANI (@ANI) October 13, 2026
प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि देश की विकास दर 7.8% रही है और विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है और सरकार आर्थिक सुधारों को केवल एक नीति नहीं, बल्कि अपनी प्रतिबद्धता मानती है।
मोदी ने दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (Insolvency and Bankruptcy Code) का उल्लेख करते हुए कहा कि कारोबार से जुड़ी छोटी-मोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। उनके मुताबिक, सुधारों के जरिए कारोबार के माहौल को बेहतर बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
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‘साथ चलें, साथ सीखें और साथ आगे बढ़ें’
पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने भारतीय वेदों की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमें साथ चलने, साथ मिलकर काम करने और सामूहिक प्रयास करने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि संवाद से आपसी समझ बढ़ती है और दुनिया की समस्याओं का समाधान निकालने में मदद मिलती है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ताकत का इस्तेमाल केवल अपने हितों के लिए नहीं होना चाहिए। इसका उद्देश्य दूसरों के लिए भी नए अवसर पैदा करना और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करना होना चाहिए।
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‘पावर दूसरों को सशक्त बनाने के लिए होती है’
वैश्विक संगठनों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर बात करते हुए मोदी ने कहा कि इतिहास में कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं बनीं, जिनके अपने-अपने हित रहे हैं। भारत ने भी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने वाली LiFE पहल जैसे कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया को जोड़ने और आपसी सहयोग बढ़ाने में विश्वास रखता है। भारत की सोच भरोसे और स्थिरता पर आधारित है। प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) ने जोर दिया कि वास्तविक शक्ति वही है, जो दूसरों को भी सशक्त बनाए और उनके विकास का रास्ता खोले। अपने संबोधन में मोदी ने भारत की आर्थिक प्रगति, सुधारों और वैश्विक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश सहयोग और साझा विकास के जरिए बदलती दुनिया में अपनी भूमिका निभा रहा है।
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