world-news

PM Kisan Scheme: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, PM-किसान योजना अगले 5 साल के लिए बढ़ी, 2030-31 तक मिलेंगे पैसे| Navbharat Live

July 31, 2026

विज्ञापन

सार

PM Kisan Yojana: सरकार ने PM किसान सम्मान निधि योजना को अगले पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जिसके तहत 3.15 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी गई है।

PM Kisan Scheme: Central government's big decision, PM-Kisan scheme extended for next 5 years, money will be available till 2030-31

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स-आईएएनएस)

विस्तार

PM Kisan Scheme Extension 2031: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहने वाली इस योजना के लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है। फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

सरकार का कहना है कि डिजिटल सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के कारण यह योजना पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संचालित हो रही है। अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। सरकार के अनुसार, इस योजना से किसानों की कृषि निवेश क्षमता बढ़ी है, अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता घटी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। स्वतंत्र मूल्यांकन में भी योजना को किसानों की आय और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में प्रभावी बताया गया है।

डीबीटी से सीधे खाते में सहायता

एक आधिकारिक बयान में सरकार ने बताया कि इस योजना ने तकनीक-आधारित किसान कल्याण का एक सफल मॉडल स्थापित किया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और सहायता राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है।

सम्बंधित ख़बरें

फरवरी 2019 में शुरू की गई पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), आधार प्रमाणीकरण और डिजिटल सत्यापन के जरिए पारदर्शी तरीके से संचालित की जाती है।

अबतक 4.47 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पीएम-किसान योजना के तहत अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। योजना की 23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को 18,984 करोड़ रुपए जारी किए गए। वहीं, कोविड-19 महामारी के दौरान किसानों को राहत देने के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपए से अधिक की सहायता प्रदान की गई।

महिला किसानों को भी बड़ा लाभ

पीएम-किसान योजना का लाभ महिला किसानों तक भी बड़े पैमाने पर पहुंचा है। अब तक 1.06 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिला किसानों को दी जा चुकी है। सरकार के अनुसार, योजना के कुल लाभार्थियों में लगभग हर चौथा लाभार्थी महिला किसान है।

सरकार का कहना है कि पीएम-किसान के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य कृषि जरूरतों पर निवेश करने में मदद मिली है। इससे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ी है, अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम हुई है और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

85% कृषि लाभार्थियों की आय में सुधार

नीति आयोग के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) द्वारा किए गए स्वतंत्र मूल्यांकन में भी योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अध्ययन के अनुसार, 92 प्रतिशत से अधिक किसानों ने बताया कि उन्होंने सहायता राशि का उपयोग कृषि कार्यों और कृषि निवेश में किया। वहीं, करीब 85 प्रतिशत लाभार्थियों ने माना कि उनकी कृषि आय में सुधार हुआ और अनौपचारिक स्रोतों से कर्ज लेने की जरूरत कम हुई।

PM किसान योजना से कृषि क्षेत्र को मिली मजबूती

सरकार के अनुसार, वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। इस अवधि में खेती का रकबा लगभग 9.65 प्रतिशत, उत्पादकता 10.53 प्रतिशत और कुल खाद्यान्न उत्पादन 21.18 प्रतिशत बढ़ा। सरकार का मानना है कि पीएम-किसान जैसी योजनाओं ने कृषि क्षेत्र को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कृषि निवेश बढ़ाने का दावा

पीएम-किसान योजना को सरकार ने डिजिटल इंडिया की एक सफल पहल बताया है। आधार आधारित प्रमाणीकरण, डिजिटल लाभार्थी सत्यापन और डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सहायता राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जा रही है। सरकार के अनुसार, यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और कृषि निवेश की क्षमता भी बढ़ा रही है।

ये भी पढ़ें- PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट का बड़ा फैसला, देश में 5000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता होगी विकसित

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा

सरकार का कहना है कि योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने से किसानों की निवेश क्षमता और उत्पादकता में वृद्धि होगी, कृषि जोखिम कम होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। पीएम-किसान योजना सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का एक प्रमुख स्तंभ है, जिसका उद्देश्य करोड़ों अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देना है।

Follow Navbharatlive whatsapp