सांसद रविकिशन ने शुक्रवार को लोकसभा में गोरखपुर में राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (National Institute of Pharmaceutical Education and Research - NIPER) की स्थापना के लिए आवाज उठायी। उन्होंने गोरखपुर के लिए यह संस्थान जरूरी बताया। जनहित ए
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लोकसभा में अपनी बात रखते हुए रविकिशन ने कहा कि गोरखपुर आज पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख स्वास्थ्य एवं चिकित्सा केंद्र बन चुका है। यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) गोरखपुर, बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज सहित अनेक प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान संचालित हैं। जो पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार एवं नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के लाखों लोगों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके बावजूद पूरे क्षेत्र में फार्मास्यूटिकल शिक्षा, औषधि अनुसंधान, जैव प्रौद्योगिकी तथा चिकित्सा नवाचार के लिए कोई राष्ट्रीय स्तर का संस्थान उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर में NIPER की स्थापना होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड, उत्तराखंड तथा नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं वैज्ञानिकों को उच्च स्तरीय शिक्षा और अनुसंधान का अवसर मिलेगा। साथ ही फार्मास्यूटिकल उद्योग, बायोटेक्नोलॉजी, मेडिकल डिवाइस निर्माण, स्टार्टअप, कौशल विकास और रोजगार सृजन को भी व्यापक गति मिलेगी।
सांसद ने विशेष जोर देते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, औषधि उद्योग के विकास को नई दिशा देने तथा 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' जैसे राष्ट्रीय अभियानों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रवि किशन ने भारत सरकार से आग्रह किया कि जनहित, संतुलित क्षेत्रीय विकास तथा देश में औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) में राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) की स्थापना हेतु आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गोरखपुर में NIPER की स्थापना से पूर्वांचल को राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य एवं औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनने का अवसर मिलेगा तथा यह पूरे क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा।