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जब पुतिन चलाने वाले थे परमाणु बम, तब PM मोदी ने कैसे बचाई दुनिया? पोलैंड के मंत्री ने खोला बड़ा राज

July 14, 2026

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच पोलैंड ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की जमकर तारीफ की है। पोलैंड के उप विदेश मंत्री और राज्य सचिव व्लादिस्लाव थियोफिल बटोवस्की ने एक ऐसा बड़ा खुलासा किया है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। उनका दावा है कि साल 2022 के आखिर में जब यह युद्ध अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर था, तब पीएम मोदी ने ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को टैक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्तेमाल न करने के लिए राजी किया था। इस बड़े खुलासे के बाद विश्व स्तर पर शांतिदूत के रूप में भारत की कूटनीतिक ताकत का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।

‘पुतिन सिर्फ पीएम मोदी की बात सुनते हैं’

मीडिया से बातचीत के दौरान पोलिश मंत्री बटोवस्की ने स्पष्ट कहा कि भारत की दशकों पुरानी तटस्थता और रूस के साथ ऐतिहासिक संबंध उसे एक बेहद मजबूत स्थिति में रखते हैं। उन्होंने पीएम मोदी को दुनिया का एक बेहद सम्मानित राजनेता बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति पुतिन वास्तव में इस बात पर पूरा ध्यान देते हैं कि पीएम मोदी उनसे क्या कह रहे हैं। बटोवस्की के मुताबिक, आज के समय में जब पश्चिमी देशों की मॉस्को से सीधी बातचीत के रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं, तब पीएम मोदी उन गिने-चुने वैश्विक नेताओं में से हैं जो पुतिन पर अपना प्रभाव डालकर उन्हें युद्ध रोकने के लिए मना सकते हैं।

शांति के लिए भारत का रुख सबसे असरदार

पोलिश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई ऐसा देश रूस से तनाव कम करने की अपील करता है, जिसे मॉस्को अपना दुश्मन नहीं मानता, तो उस बात का वजन बहुत ज्यादा होता है। युद्ध को और अधिक भड़कने से रोकने में भारत और चीन जैसे गैर-विरोधी देशों का रुख सबसे निर्णायक साबित हो सकता है। बटोवस्की ने हाल ही में हुई पीएम मोदी की ऐतिहासिक पोलैंड यात्रा का भी जिक्र किया और उम्मीद जताई कि भारत यूक्रेन में एक स्थायी, स्थिर और सुरक्षित शांति स्थापित करने की दिशा में आगे भी काम करेगा।

सस्ते रूसी तेल खरीद पर दूर हुई कड़वाहट

इस दौरान भारत द्वारा रूस से खरीदे जा रहे सस्ते कच्चे तेल का मुद्दा भी उठा, जिस पर पहले पोलैंड और भारत के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। बटोवस्की ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि शुरुआत में पोलैंड इस खरीद की तीखी आलोचना करता था, क्योंकि उन्हें लगता था कि इस पैसे से रूस अपनी युद्ध अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। हालांकि, अब पोलैंड भारत के नजरिए को समझता है। उन्होंने माना कि भारत को यह तेल बाजार से लगभग 40 प्रतिशत की भारी छूट पर मिल रहा था। अब दोनों देशों ने इस मुद्दे पर अपनी कड़वाहट दूर कर ली है और यह द्विपक्षीय संबंधों में कोई रुकावट नहीं है।

पुतिन भी कर चुके हैं स्वतंत्र नीति की तारीफ

पोलैंड के उप विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब कुछ समय पहले खुद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की जमकर तारीफ की थी। पुतिन ने कड़े शब्दों में कहा था कि भारत जैसी बड़ी आबादी वाले देश और महाशक्ति पर दबाव बनाने की किसी भी बाहरी देश की कोशिश पूरी तरह बेकार साबित होगी। उन्होंने इस बात को सराहा था कि भारत हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर फैसले लेता है और रूस को इससे कोई आपत्ति नहीं है।

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