Published: Tuesday, July 14, 2026, 19:37 [IST]
Bengaluru Land Scam: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक चौंकाने वाला लैंड ग्रैबिंग मामला सामने आया है। श्री आदिचुंचनगिरी शिक्षण ट्रस्ट की 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाली 6 एकड़ जमीन हड़पने के लिए जाली दस्तावेज तैयार करने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 6 सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस की कार्रवाई ने रेवेन्यू विभाग में गहरी सांठगांठ और जमीन माफिया के तरीकों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
पुलिस ने मंगलवार (14 जुलाई) को बताया कि इस जालसाजी में 6 सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। आपको बता दें कि श्री आदिचुंचनगिरी शिक्षण ट्रस्ट शिक्षा के क्षेत्र में प्रसिद्ध है और कर्नाटक में कई स्कूल-कॉलेज चलाता है। पुलिस ने कहा कि घटना में शामिल बाकी संदिग्धों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
Sri Adichunchanagiri Shikshana Trust Land Scam: कैसे रची जमीन हड़पने की साजिश?
मामला बेंगलुरु के केंगेरी इलाके के कंबिपुरा गांव में सर्वे नंबर 43 का है। यहां जमीन श्री आदिचुंचनागिरी शिक्षण ट्रस्ट की 45 एकड़ बड़ी संपत्ति का हिस्सा है। इसे कथित तौर पर एक समूह ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके हड़पने की कोशिश की थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी फ्रांसिस ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज़ बनाए। इनमें दावा किया गया कि सर्वे नंबर 43 में छह एकड़ जमीन 1960-61 के दौरान सैनिक कोटे के तहत एंटनी के बेटे आरोग्यस्वामी को दी गई थी।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि फ्रांसिस ने कथित तौर पर आरोग्यस्वामी का बेटा और कानूनी वारिस बनकर जाली दस्तावेज तैयार किए, जिनमें नकली फैमिली ट्री, डेथ सर्टिफिकेट, ग्रांट सर्टिफिकेट और रेवेन्यू के अन्य रिकॉर्ड शामिल थे। इन जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके, आरोपी ने कथित तौर पर ज़मीन को अपने नाम पर रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज करवाया और ट्रस्ट की 45 एकड़ संपत्ति में से 6 एकड़ पर मालिकाना हक का दावा किया। उन्होंने कहा कि उसने जमीन पर कब्जा करने की भी कोशिश की।
कैसे सरकारी कर्मचारियों ने आंखों में झोंकी धूल?
पुलिस ने बताया कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट के कर्मचारी श्रीकांत, मंजूनाथ और राघवेंद्र, जिन्होंने मुख्य आरोपी आरोग्यस्वामी की फर्जी दस्तावेज बनाने और जमीन के रिकॉर्ड गैर-कानूनी तरीके से हासिल करने में कथित तौर पर मदद की थी, नरेश गौड़ा के साथ फरार हैं। जांच में ऐसी जानकारी और दस्तावेज मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि आरोपी ने जमीन के कई अन्य टुकड़ों को हड़पने की कोशिश में उनके भी फर्जी रिकॉर्ड बनाए हो सकते हैं। आगे की जांच चल रही है।
कौन-कौन गिरफ्तार किए गए?
पुलिस ने बताया कि 10 जून, 2026 को कुंबलगोडु पुलिस स्टेशन में श्री आदिचुंचनागिरी एजुकेशन ट्रस्ट के सेक्रेटरी की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड फ्रांसिस है। इसके अलावा, डिप्टी तहसीलदार दीपक, एमपी रवि, रेवेन्यू इंस्पेक्टर किरण कुमार, अरुण कुमार, विलेज एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर शिवप्रसाद और सतीश कुमार सरकारी अधिकारी हैं। इनके साथ ही अन्य आरोग्यस्वामी, श्रीनिवासु, नरेंद्र कुमार, जोसेफ के नाम शामिल हैं।
(PTI इनपुट के साथ)