चंडीगढ़ में PhD स्कॉलर की मौत को लेकर छात्रों का आरोप है कि परिसर में बिजली के खंभों व तारों के रखरखाव में लापरवाही बरती गई, जिससे बारिश के समय करंट फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कैंपस के सुरक्षा ऑडिट की मांग की है।
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट से PhD स्कॉलर की हुई मौत।
- Published: 28 Jul 2026, 02:53 PM IST
- Last Updated: 28 Jul 2026, 03:15 PM IST
चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में हरियाणा की रहने वाली 28 वर्षीय पीएचडी स्कॉलर ज्योति की कथित तौर पर करंट लगने से मौत हो गई। वह गर्ल्स हॉस्टल से अपने विभाग जा रही थीं, तभी रास्ते में अचानक गिर पड़ीं। साथियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद कैंपस में भारी आक्रोश फैल गया। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए वाइस चांसलर (VC) के आवास का घेराव किया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर मौके पर चंडीगढ़ पुलिस बल तैनात किया गया।
गर्ल्स हॉस्टल से विभाग जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी (हरियाणा) निवासी ज्योति पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पीएचडी कर रही थीं और गर्ल्स हॉस्टल-10 में रहती थीं। मंगलवार सुबह वह हॉस्टल से विभाग की ओर जा रही थीं। इसी दौरान गर्ल्स हॉस्टल-8 और यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (UIET) को जोड़ने वाले रास्ते के पास बने कच्चे ट्रैक पर अचानक गिर गईं।
पास मौजूद छात्रों ने उन्हें उठाने की कोशिश की तो करंट लगने की आशंका हुई। इसके बाद यूनिवर्सिटी कर्मचारियों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
करंट लगने के कारण का पता लगाने के लिए जांच में जुटा प्रशासन
प्रारंभिक जांच में करंट लगने से मौत की आशंका जताई गई है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि करंट बिजली के खंभे, स्ट्रीट लाइट, खुले तार या किसी अन्य स्रोत से फैला था। चंडीगढ़ पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन करते हुए VC आवास का किया घेराव
हादसे के बाद छात्रों में भारी रोष फैल गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) समेत कई छात्र मौके पर एकत्र हो गए और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्र VC आवास तक पहुंच गए और घेराव किया। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
छात्रों का कहना है कि बारिश के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में कई स्थानों पर पानी भर जाता है और बिजली के खंभों व स्ट्रीट लाइटों में करंट आने का खतरा बना रहता है। उनका आरोप है कि समय रहते बिजली व्यवस्था की जांच नहीं की गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
छात्रों ने पूरे कैंपस का सुरक्षा ऑडिट, बिजली व्यवस्था की जांच और संभावित खतरनाक स्थानों पर तत्काल सुधार की मांग की है।
मृतक छात्रा के परिवार को दी गई सूचना
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मृतक छात्रा के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। उनके चंडीगढ़ पहुंचने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, मृतका की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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